कोरबा

Maternal Death in Korba: यहां डॉक्टर नहीं है कहते हुए जच्चा-बच्चा को छोड़कर चली गई नर्स, महिला की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल

Korba Health System Negligence: प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की निगरानी नहीं होने और समय पर इलाज न मिलने से एक महिला की मौत हो गई। आरोप है कि डिलेवरी कराने के बाद नर्स यह कहकर घर चली गई कि यहां डॉक्टर नहीं है।

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May 09, 2026
dead body (Demo pic)

Maternal Death in Korba: कोरबा जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने नवजात बच्चे से उसकी मां का आंचल छीन लिया। जन्म के थोड़ी देर बाद मां की मौत हो गई। परिवार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

विकासखंड पाली अंतर्गत हरदीबाजार के ग्राम रेकी की रहने वाली संगीता पटेल को प्रसव पीड़ा होने पर देर रात उसे रेकी चैनपुर के सब हेल्थ सेंटर लाया गया। उस समय रात के करीब 9:30 बजे थे। लेकिन सब हेल्थ सेंटर में नर्स नहीं थी। प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला के परिजन नर्स के घर पहुंचे। नर्स को घर से बुलाकर अस्पताल ले गए।

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रात करीब 12:30 बजे महिला ने शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद नर्स घर लौट गई। रातभर पर परिवार के सदस्य संगीता पटेल को लेकर सब हेल्थ सेंटर में इस उम्मीद के साथ पड़े रहे कि नर्स आएगी। सुबह हो गई लेकिन नर्स जच्चा बच्चा को देखने के लिए सब हेल्थ सेंटर नहीं पहुंची। इस बीच जच्चा संगीता की तबीयब खराब होने लगी।

यहां डॉक्टर नहीं है कहते हुए किया रेफर

परिवार के सदस्य दौड़ते हुए गांव में रहने वाली नर्स के घर पहुंचे उस समय शुक्रवार सुबह के सात बजे थे, बुलाने पर नर्स पहुंची। उसने यह कहते हुए संगीता को हरदीबाजार रेफर कर दिया कि यहां डॉक्टर नहीं है। परिवार के सदस्य संगीता को लेकर हरदीबाजार के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। उस समय सुबह के साढ़े सात बजे थे।

हरदीबाजार के सरकारी हॉस्पिटल में भी डॉक्टर नहीं था। वहां मौजूद स्टॉफ ने कोरबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। संगीता को लेकर परिवार के सदस्य मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे। यहां भी महिला को सही इलाज नहीं मिला। इस बीच शुक्रवार सुबह 11:30 बजे संगीता ने दम तोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच का आदेश दिया है।

हरदीबाजार हॉस्पिटल में भी नहीं था डॉक्टर

मृतका का पति अनिल कुमार ने बताया कि रात मेंं संगीता को लेकर चैनपुर के सब हेल्थ सेंटर पहुंचे तो नर्स नहीं मिली। घर जाकर बुलाकर ले आए। डिलेवरी के बाद नर्स फिर सोने के लिए घर चली गई। शुक्रवार सुबह भी नहीं पहुंची। उसे बुलाने के लिए दोबारा गए। आते ही उसने संगीता को हरदीबाजार रेफर कर दिया। हरदीबाजार हॉस्पिटल में भी डॉक्टर नहीं थे। हमे संगीता को मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कहा गया। यहां पहुंचे- पहुंचे संगीता की हालत खराब हो गई थी। उसने दम तोड़ दिया।

डॉ. एसएन केसरी. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा के मुताबिक, सामान्यत: नर्स को सब हेल्थ सेंटर या इसके आसपास होना चाहिए। प्रसूता को रेफर किया गया तो इसकी जानकारी ऑनकॉल हायर सेंटर के डॉक्टर को दिया जाना चाहिए। जन्म के बाद जच्चा बच्चा की तीन दिन तक निगरानी की जाती है। घटना किन परिस्थ्तिियों में हुई है? इसकी जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि लापरवाही कहां हुई है?

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Published on:
09 May 2026 07:25 pm
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