
ri patwari(photo-AI)
RI Patwari Dispute: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जमीन सीमांकन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव में ग्रामीणों ने गलत सीमांकन का आरोप लगाते हुए राजस्व निरीक्षक (आरआई) और हल्का पटवारी को करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ और स्थिति तनावपूर्ण बन गई। मामले में पटवारी की शिकायत पर पुलिस ने चार ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक घटना 8 मई की है। हल्का पटवारी भरत चौहान और राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह न्यायालय नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर ग्राम नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचे थे। यहां आवेदक संतराम की भूमि खसरा नंबर 643/1, रकबा 0.085 हेक्टेयर का सीमांकन किया जाना था।
राजस्व अमले ने नियमानुसार संबंधित पक्षों को सूचना देने के बाद जमीन की नाप-जोख शुरू की। बताया गया कि खसरा नंबर 643 के सभी हिस्सों का सीमांकन कर आवेदक को जानकारी भी दे दी गई थी।
सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और सीमांकन को गलत बताते हुए विरोध करने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि पैसे लेकर गलत सीमांकन किया गया है। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने आरआई और पटवारी को उनकी कार में बैठाकर करीब दो घंटे तक बाहर नहीं निकलने दिया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के दौरान एक ग्रामीण रस्सी लेकर मौके पर पहुंच गया और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। इस घटना के बाद माहौल और अधिक गंभीर हो गया। राजस्व अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण लगातार विरोध करते रहे। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
घटना के बाद हल्का पटवारी भरत चौहान ने करतला थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि सीमांकन की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई थी, इसके बावजूद ग्रामीणों ने गलत आरोप लगाकर उन्हें और राजस्व निरीक्षक को बंधक बना लिया। पुलिस ने मामले में एक ही परिवार के चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान लिए जा रहे हैं और सीमांकन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि विवाद जमीन की सीमा को लेकर था, जो बाद में उग्र रूप ले बैठा। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
ग्रामीण इलाकों में जमीन सीमांकन और बंटवारे को लेकर विवाद अक्सर सामने आते रहते हैं। कई मामलों में छोटी कहासुनी बड़े तनाव का रूप ले लेती है। प्रशासन का कहना है कि सीमांकन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत की जाती है, लेकिन कई बार आपसी विवाद और गलतफहमी के कारण स्थिति बिगड़ जाती है। फिलहाल कोरबा के नोनबिर्रा गांव में हुई इस घटना ने प्रशासनिक अमले की सुरक्षा और जमीन विवादों के बढ़ते तनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
11 May 2026 04:19 pm
Published on:
11 May 2026 04:14 pm
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