कोरबा

बजट पेश होने के सिर्फ एक दिन बाद विपक्षी पार्षदों ने फिर दिया सत्तापक्ष को झटका… इतना बड़ा कदम उठाने की है तैयारी

पार्षद बोले किसी ने भी उपस्थिति पंजियक में नहीं किए हस्ताक्षर तो कार्रवाई पूरी कैसे
3 min read
Apr 02, 2018
korba news in hindi,korba administration,nagar nigam korba,
पार्षद बोले किसी ने भी उपस्थिति पंजियक में नहीं किए हस्ताक्षर तो कार्रवाई पूरी कैसे

कोरबा . नगर पालिक निगम में बजट पेश होने के दूसरे ही दिन विपक्षी पार्षदों ने बजट सत्र को शून्य घोषित करने कि दिशा में मोर्चा खाल दिया है।

प्रेसवार्ता आयोजित कर पार्षदों ने कहा कि बजट सत्र के दौरान किसी भी विपक्षी पार्षद ने उपस्थिति पंजियक में दस्तखत नहीं किया। इसलिए यह सत्र पूरी तरह से अवैधानिक है। सत्र को शून्य घोषित करने के लिए हम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। जरूरत पड़ी तो सीएम और न्यायालय की शरण भी लेंगे।

शनिवार को बजट पेश होने के बाद रविवार को कांग्रेस का दामन छोडऩे वाले महेन्द्र चौहन, संतोष राय के अलावा निर्दलीय पार्षद शिव अग्रवाल, अमर अग्रवाल, अब्दुल रहमान व रवि चंदेल ने प्रेसवार्ता आयोजित की। सभी ने निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेसी महापौर पर कई गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी भाजपाई पार्षदों की भूमिका के सावाल पर पार्षदों ने कहा कि स्वयं मंत्री भी भाजपाई पार्षदों की बात नहीं सुन रहे। विपक्षी के तौर पर भाजपाई पार्षदों को प्रोत्साहित करने की जरूरत पड़ती रहती है।

मर्दानगी होती हर दो माह में करते सभा
पार्षद शिव अग्रवाल ने कहा कि नगरीय निकाय के लिए निर्धारित शासन के नियामों के अनुसार नगर निगम में हर दो माह में सभा का आयोजन किया जाना चाहिए। लेकिन सत्ता पक्ष में इतनी मर्दानगी नहीं है कि वह सामान्य सभा का आयोजन करें। निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेस द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। सदन में रखा जाने वाला एजेंडा सात दिन पूर्व पार्षदों को दिया जाना चहिए। लेनिक इसे तीन पहले ही पार्षदों को सौंपा गया।

बजट के लिए सामान्य सभा का आयोजन अनिवार्य न होता तो कांग्रेसी इसका आयोजन भी नहीं करते। जिस तरह से बजट का पास किया वह सीधे तौर लोकतंत्र की हत्या है। यह केवल लोक लुभावन बजट है, जिससे कोई काम नहीं होगा। व्यायाम शाला, महापौर ट्रॉफी, महापौर सामूहिक विवाह योजना को चालाकी से बजट से गायब कर दिया गया है। निगम के पास फिजुलखर्ची के लिए तो पैसे हैं लेकिन नाली व सफाई जैसी मूलभूत अवश्कताएं पूरी नहीं की जा रही हैं। जबकि भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी में कोई कमी नहीं आई है।

फिजुलखर्ची ज्यादा जरूरत के काम नहीं
पार्षद संताष राय ने कहा मेरे वार्ड में निहारिका से कोसाबाड़ी तक सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। लेकिन मुझे मालूम है कि सड़क चौड़ीकरण की जरूरत पड़ेगी तो इसे फिर से तोड़ा जाएगा। आज शहर की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज है, लेकिन इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

जानबूझकर कार्यों को लटका कर रखा गया
पार्षद अब्दुल रहमान ने कहा कि मेरे वार्ड में लाखों के विकास कार्यों को मैने प्रयास करके स्वीकृति दिलाई। लेकिन टेंडर होने के 10 माह बाद भी ठेकेदारों को वर्कऑर्डर जारी नहीं किया जा रहा है। जानबूझकर निगम के जागरूकर व निर्दलीय पार्षदों के वार्ड के कार्यों को महापौर द्वारा रोक कर रखा गया है।

जिससे जनता का नुकसान हो रहा है। इसी तरह पार्षद महेन्द्र चौहान ने कहा कि मेरा निगम में यह तीसरा कार्यकाल है। मेरे लिए यह 19 वां बजट रहा। लेकिन जिस तरह से इस बजट को तीन मिनट में स्वीकृति दे दी गई। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। बजट अभिभाषण को सदन में दिनेश सोनी से पढ़ा जबकि वित्ता विभाग भुवनेश्वरी के पास है। यह नियमों के विपरीत है। हमरे उपस्थित पंजीयक में दस्तखत भी नहीं किए। इसलिए यह सत्र पूरी तरह से अवैधानिक है। जिसे शून्य घोषित करने की मांग की जाएगी।

जरूरत पडऩे पर हम सीएम या न्यायालय तक भी जाएंगे। पार्षद अमर अग्रवाल ने कहा निगम में पेश किया गया बजट स्वयं भ्रष्टाचार की कहानी बयान कर रहा है।

बजट में कहा किय राजस्व वसूली के लिए 50 लाख रूपए खर्च कर आउटसोर्सिंग की गई। और 251 कारोड़ रूपए की वसूली घट गई। आटसोर्सिंग करके किसे यह सौंपा गया यह किसी को नहीं पता। श्रद्धांजली योजना के तहत जारी होने वाले आधे चेक बोगस हैं। इनकी नाकाम का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि कांग्रेस की सत्ता पिछले वर्ष 150 करोड़ रूपए खर्च ही नहीं कर पाई।

Published on:
02 Apr 2018 11:51 am