
मनेंद्रगढ़। एमसीबी जिले के नगर पंचायत खोंगापानी में रविवार की सुबह 10-12 वर्ष के 4 बच्चे तालाब में नहाने उतरे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने (Drowing in Pond) लगे। इस दौरान उन्होंने शोर मचाया तो वहां से गुजर रहे एक युवक ने बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी। उसने 3 बच्चों को किसी तरह तो बाहर निकाल लिया, लेकिन एक को वह नहीं बचा सका। एक बालक की डूबकर मौत हो गई। बाद में पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाकर बालक का शव बाहर निकाला।
खोंगापानी के वार्ड क्रमांक 3 निवासी 4 बच्चे रविवार की सुबह स्थानीय तालाब में नहाने गए थे। उसी समय चारों बच्चे अचानक तालाब के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। चिल्लाने की आवाज सुनकर तालाब के बगल से गुजर रहा युवक शाकिर अली उनके लिए देवदूत बनकर पहुंचा। उसने बच्चों को बचाने तालाब में छलांग (Jumped in the pond) लगा दी।
उसने किसी तरह 3 बच्चों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 1 को वह नहीं बचा सका। हादसे में मो. जिकरान पिता मो. एजाज (12) की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने रेस्क्यू अभियान (Rescue Operation) चलाया और गोताखोरों की मदद से तालाब के गहरे पानी में डूबे बालक के शव को बाहर निकाला गया। इस हादसे ने नगर पंचायत खोंगापानी की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र के कई वार्डों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण लोगों और बच्चों को दैनिक कार्यों, नहाने के लिए असुरक्षित तालाबों का रुख करना पड़ता है। जिस तालाब में हादसा हुआ, उसे मछली पालन के लिए एक महिला समूह को आवंटित किया गया है। लेकिन वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक तालाब के गहरे हिस्सों को चिन्हित करने के लिए न चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही सुरक्षा घेरा बनाया गया है। ऐसे में बरसात के मौसम में जलस्तर बढऩे के साथ हादसे का खतरा (Danger for accident) बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने सभी तालाबों और जलस्रोतों पर तत्काल सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड तथा सुरक्षा व्यवस्था करने मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन समय रहते पेयजल की उचित व्यवस्था करने के साथ तालाब पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करता तो यह हादसा टल सकता था। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जलस्रोतों की सुरक्षा ऑडिट कराने और खतरनाक स्थानों पर तत्काल घेराबंदी एवं चेतावनी संकेतक लगाने मांग की है।