सिद्ध बाबा मंदिर में पानी को तरस रहे श्रद्धालु

नगर निगम ने टंकी का निर्माण कराया, लेकिन पानी आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
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Feb 07, 2016
Siddhababa temple
Siddhababa temple
चिरमिरी-पोंड़ी.
पहाड़ के नीचे स्थित करीब 100 साल पुराने सिद्ध बाबा दैवीय और दार्शनिक स्थल में श्रद्धालुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है। निगम प्रशासन ने पानी के लिए टंकी का निर्माण कराया है लेकिन पानी सप्लाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जबकि सिद्ध बाबा मंदिर में चैत्र नवमी, नागपंचमी, मकर संक्रांति और शिवरात्रि में मेला और भंडारा का आयोजन किया जाता है।


शहरवासियों का कहना है कि मंदिर लगभग 100 वर्षों पूर्व अस्तित्व में आया था। मंदिर के साधु और महात्मा गुफा में तप करते थे। इस मंदिर के अंदर में छोटी और बड़ी लंबी सुरंग मौजूद है। जिसमें शेष नाग और विष्णु भगवान की प्रतिमाएं पत्थरों में मौजूद हंै, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से सुविधाएं बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


इस कारण दैवीय स्थल असामजिक तत्वों का अडड बना है। मंदिर में मेला के दौरान पानी की भारी किल्लत होती है। नगर निगम चिरमिरी ने पानी के लिए टंकी का निर्माण कराया है। लेकिन पानी की पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण श्रद्धालुगण पानी के लिए तरसते हैं।


मंदिर के लिए नहीं मिलती मदद

मंंदिर के पूजारी मयाराम ने बताया कि पहले मंदिर में दो गुरू रहते थे। जो आसपास के क्षेत्रो में जाकर भिक्षा मांगते थे और बदले में प्रसाद वितरण करते थे उन्होंने बताया कि चैत्र नवमी, नागपंचमी, मकर संक्रांति और शिवरात्रि में मेला और विशाल भंडारा का आयोजन किया जाता है। लेकिन शासन-प्रशासन का कोई सहयोग नहीं मिलता है। मंदिर में शनिवार के दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है और मन्नत मांगने पर मनोकामना पूरी होती है।

Published on:
07 Feb 2016 12:14 pm