Fraud: पीडि़त महिला की शिकायत पर महिला कर्मी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया अपराध, कलेक्टोरेट कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवाने का दिया था झांसा
बैकुंठपुर. Swindle in the name of job: कलेक्टोरेट के अंत्यावसायी शाखा में पदस्थ एक महिला कर्मी ने एक महिला से उसकी बेटी की नौकरी लगाने के नाम पर 30 हजार रुपए की ठगी कर ली। 6 महीने से वह महिला को आश्वासन दे रही थी कि कलेक्टोरेट कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर उसकी बेटी की नौकरी लगवा देगी। नौकरी नहीं लगने पर महिला ने जब रुपए लौटाने को कहा तो उसने इनकार कर दिया और कहा कि जो करना है कर लो। पीडि़त महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने महिला कर्मी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
एमसीबी जिले के सुभाष कॉलोनी डोमनहिल चिरमिरी निवासी शोभा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी पुत्री नेहा गुप्ता रायपुर मे प्राइवेट कंपनी में कार्यरत थी। उसका कलेक्टर कार्यालय मे नौकरी लगाने के नाम पर जून 2023 में अंत्यावसायी विभाग में पदस्थ महिला कर्मी दुर्गा ने उससे 30 हजार रुपए लिए थे।
दुर्गा नगरपालिक निगम कालोनी पोड़ी चिरमिरीकी निवासी है। 8 अक्टूबर की सुबह 11 बजे वह उसके घर गई और पूर्व में कलेक्टोरेट में अपनी पुत्री को कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगाने के नाम पर दिए गए30 हजार रुपए वापस मांगा तो उसने साफ इनकार कर दिया।
जून माह से वह बोलती आ रही थी कि तुम्हारा मामला आधिकारियों को बता दी हूं। अभी अधिकारी छुट्टी में हैं। आने पर बातचीत होगी। इस तरह कोई न कोई बहाना बताकर मुझे गुमराह करती रही।
जब मैंने उसे कहा कि यदि तुम नौकरी नहीं लगा सकती हो तो पैसे वापस कर दो। इसपर उसने लौटाने से इनकार करते हुए कहा कि जो करना है कर लेना।
मैंने शंभू केशरी, सोनू दुबे, नाजमा के सामने दुर्गा को पैसे दिए थे। मामले में आरोपी महिला कर्मी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
जून माह में दिए थे 30 हजार रुपए
पीडि़त महिला का कहना है कि उसने आरोपी महिला कर्मी दुर्गा को जून माह में रुपए दिए थे। इस दौरान उसने कहा था कि अपनी पुत्री को रायपुर से बुलवा लो, उसने आश्वासन दिया कि बेटी की नौकरी कलेक्टर कार्यालय में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पोस्ट पर लगवा देगी।
वह बोली इसमें 1 लाख 50 हजार रुपए का खर्च आएगा। मैंने कहा कि इतनी राशि एक साथ नहीं दे पाउंगी। फिर नकद 20 हजार रुपए (40 नग 500 के नोट) एवं 10 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से 18 जून 23 को दी थी। उसके बाद मैं दुर्गा से बराबर मिलती रही और वह आश्वासन देती रही।