
Good news for Koria school, प्राचार्यों और प्रधानपाठकों की बैठक लेतीं कलेक्टर रोक्तिमा यादव (Photo- PRO)
बैकुंठपुर। कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने नई पहल करते हुए जिले के सभी स्कूलों में टॉपर तिथि भोज कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत हर तिमाही, छमाही और वार्षिक परीक्षा में टॉप (Exam topper) करने वाले बच्चों के जन्मदिन पर सामूहिक भोज कराया जाएगा। हालांकि यह स्कूल स्तर (Koria schools) पर निर्णय लिया जाएगा कि स्कूल टॉपर या क्लास टॉपर के जन्मदिन पर भोज कराएंगे। कलेक्टर ने प्राचार्यों, प्रधान पाठकों एवं शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था को संवेदनशील, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने का आह्वान किया।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव (Koria collector) शिक्षकों से कहा कि हर विद्यार्थी को अपना बच्चा समझकर पढ़ाइए, तभी शिक्षित कोरिया का सपना साकार होगा। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार, आत्मविश्वास एवं जीवन मूल्यों के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
सभी शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय पर विद्यालय पहुंचने तथा पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक स्कूल को शत-प्रतिशत नामांकन एवं ड्रॉपआउट मुक्त विद्यालय बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने, अनुपस्थित विद्यार्थियों को फिर से स्कूल तक लाने घर-घर संपर्क करने की बात कही।
कलेक्टर ने मध्याह्न भोजन को लेकर कहा कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण स्तर पर विशेष ध्यान देना होगा। प्राचार्य एवं प्रधान पाठक स्वयं भोजन का नियमित परीक्षण करें और प्रत्येक बच्चे को क्वालिटी वाली एवं पौष्टिक भोजन मिले। उन्होंने कहा कि बारिश के सीजन में किसी भी बच्चे को जर्जर अथवा असुरक्षित भवन में नहीं बैठाएं।
जहां मरम्मत अथवा अन्य आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता है, वहां तत्काल सुरक्षित एवं बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित करें। इस दौरान अपर कलेक्टर सुरेंद्र वैद्य, डीडी मरावी, डीईओ जितेन्द्र गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर रोक्तिमा ने 3 अभिनव पहल शुरू करने के निर्देश दिए। इसमें मेधावी विद्यार्थियों के जन्मदिवस पर टॉपर तिथि भोज का आयोजन, प्रतिदिन कक्षा प्रारंभ होने से पहले सामान्य ज्ञान (General knowledge) के पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा, प्रत्येक शनिवार विद्यार्थी नेतृत्व आधारित विशेष सभा का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थी स्वयं मंच संचालन कर सामान्य ज्ञान, प्रेरक प्रसंग, नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति देंगे।
उन्होंने बीईओ एवं विद्यालय प्रभारियों को नियमित निरीक्षण करने निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर शिक्षण गुणवत्ता, शिक्षक उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता एवं विद्यालयीन वातावरण का गंभीर मूल्यांकन होना चाहिए। विद्यालयों की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि कोई शिक्षक मद्यपान (Drink liquor) कर विद्यालय में पाया जाता है तो उसका तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराकर कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय संस्कार निर्माण का केंद्र हैं और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 3 माह में पालक-शिक्षक बैठक करें। अभिभावकों से बैठकों में अनिवार्य रूप से भाग लेने की बात कही। विद्यालय और अभिभावकों के बेहतर समन्वय से ही बच्चों की कमियों की समय रहते पहचान कर समाधान किया जाएगा।
Updated on:
20 Jul 2026 07:44 pm
Published on:
20 Jul 2026 07:41 pm
