14 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Koria News: हेडमास्टर बने हुए थे छात्रावास अधीक्षक, लगता था 2.47 करोड़ का फटका, 24 शिक्षकों को हटाकर भेजा स्कूल

Koria Education Department: लंबे समय से चल रहा संलग्नीकरण का खेल खत्म, 24 शिक्षक छात्रावासों में थे कार्यरत, लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर ने स्कूलों के समस्त कर्मियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र(वीएसके एप) में दर्ज कराने लिखा पत्र
2 min read
Google source verification
Koria news

Koria education department, कोरिया डीईओ कार्यालय (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर। अटैचमेंट में आदिवासी विकास विभाग के छात्रावास-आश्रम शालाओं में अधीक्षक बनने वाले 24 शिक्षकों को स्कूलों में भेजा गया है। कलेक्टर (आदिवासी विकास) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर ने स्कूलों (Koria schools) के समस्त कर्मियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र(वीएसके एप) में दर्ज कराने पत्र लिखा है। ऐप में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने से कर्मचारियों की उपस्थिति शून्य मानकर आगामी माह का वेतन आहरण नहीं करने का उल्लेख है। मामले में स्कूल शिक्षा विभाग से अटैचमेंट में कार्यरत प्रभारी आश्रमशाला, छात्रावास अधीक्षकों को उनके मूल पदस्थापना के लिए भारमुक्त कर किया गया है। जिसमें शिक्षक, प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक शामिल हैं। जिनको सात दिन के भीतर अपने मूल पदस्थापना स्थल स्कूलों में ज्वाइनिंग करनी होगी।

बता दें कि कोरिया के पड़ोसी जिला एमसीबी के शिक्षा विभाग को भी अटैचमेंट के कारण हर साल करीब 2.47 करोड़ का फटका लग रहा था, क्योंकि अटैचमेंट में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति और सैलरी शिक्षा विभाग से मिलती थी। जबकि आदिवासी विकास विभाग में नौकरी करते हैं। अटैचमेंट के खेल में शिक्षा विभाग भी अपने शिक्षकों की वर्षों से सुध नहीं ले रहा था।

कोरिया में इतने शिक्षकों को हटाया गया

कोरिया में आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से कुल 57 छात्रावास, आश्रम शाला संचालित हैं। जिसमें 30 से ज्यादा छात्रावास में नियमित अधीक्षक (Hostel Superintendent) कार्यरत हैं, जबकि शेष 24 छात्रावास में शिक्षा विभाग में नियुक्त शिक्षकों को अटैच किया गया था। इससे शिक्षा विभाग को हर साल अटैचमेंट में कार्यरत शिक्षकों के वेतन में करोड़ों खर्च करना पड़ रहा था।

जबकि आदिवासी विकास विभाग को अटैचमेंट में आए प्रभारी छात्रावास अधीक्षकों को न वेतन और न ही किसी प्रकार के अन्य भुगतान करने पड़ते हैं। कोरिया में अटैचमेंट में प्रभारी छात्रावास अधीक्षक बनने वाले प्रेमा एक्का, लखन लाल चौधरी, रवि पांडेय, पुष्पा बड़ा, आनंद प्रकाश सिंह, विकास कुमार सिंह, राजेंद्र कुमार बंशी, राकेश कुमार सिंह, तुलसी कुमार, उमाशंकर लहरे, रजनी किरण मिंज को स्कूलों में भेजा गया है।

इसके अलावा जसिन्ता तिर्की, उर्मिला पैकरा, नवीन पुरी, अंबिका प्रसाद बर्मन, नरेंद्र जायसवाल, कौशिल्या सिंह, रामधन सिंह, शिश बंजारे, चंद्र शैलेश सिंह, शशिकला सिंह, हेमंती सिंह, अनिता सिंह, अमृता सिंह को भारमुक्त करने आदेश जारी किया गया है।

Koria education department news: इतनी सैलरी देता था शिक्षा विभाग

वर्ष 2018 में शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन हुआ है। इससे वर्तमान में प्र्रधान पाठक की सैलरी करीब 75 हजार और सहायक शिक्षक, शिक्षकों की सैलरी (Koria teachers salary) करीब 60 हजार है, जिनकी नियुक्ति और सैलरी शिक्षा विभाग से मिलती है। लेकिन वर्षों से जुगाड़ लगाकर आदिवासी विकास विभाग के छात्रावासों में प्रभारी अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे। कोरिया में शिक्षा विभाग अटैचमेंट दूसरे विभाग में कार्यरत शिक्षकों को सालाना औसत सैलरी 1.87 करोड़ देता था।

वहीं एमसीबी शिक्षा विभाग अटैचमेंट में कार्यरत व्याख्याता, प्रधान पाठक और शिक्षकों को हर साल करीब 2.47 करोड़ वेतन भुगतान करता था। जबकि अटैचमेंट में कार्यरत शिक्षक वर्षों से शिक्षा विभाग में काई काम नहीं कर रहे थे। एमसीबी में कुल 57 छात्रावास, आश्रम शाला संचालित हैं। इसमें सिर्फ 26 छात्रावास में नियमित अधीक्षक कार्यरत हैं। जबकि शेष छात्रावासों में शिक्षा विभाग में नियुक्त शिक्षकों को अटैच किया गया था।

बड़ी खबरें

View All

कोरीया

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग