कोटा

Monsoon: आसमान से बरसी आफत, रामगंजमंडी में 10 इंच बारिश, चम्बल में उफान के कारण कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी

Heavy Rain in Kota: हाड़ौती अंचल में भारी बारिश, उजाड़ नदी खतरे के निशान से ऊपर बही, बंद रहे देवली-अरनिया स्टेट हाईवे बंद
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Jul 28, 2025
Heavy Rain in Kota
कोटा बैराज के 12 गेट खोलकर करीब 3 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। फोटो- पत्रिका

राजस्थान के हाड़ौती अंचल में सोमवार को भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में सर्वाधिक बारिश कोटा जिले के रामगंजमंडी में 10 इंच (242 एमएम) दर्ज की गई। चम्बल नदी के कैचमेंट एरिया में जोरदार बारिश से बांधों में पानी की भारी आवक हुई।

इससे राणा प्रताप सागर बांध के 6 गेट खोलकर 2 लाख 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जवाहर सागर बांध के 7 गेट खोलकर 285000 क्यूसेक व कोटा बैराज के 12 गेट खोलकर करीब 3 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी किया गया।

उजाड़ नदी खतरे के निशान से ऊपर

इसके अलावा झालावाड़, बारां व बूंदी जिलों में बने बांधों के भी गेट खोले गए। उजाड़ नदी खतरे के निशान से ऊपर बही। इस कारण देवली-अरनिया स्टेट हाईवे बंद रहा। कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र की कई बस्तियों में पानी घुस गया। रातभर लोगों ने आंखों में काटी। कुदायला-देवली में 250 लोगों को रेस्क्यू किया गया, जबकि सुकेत क्षेत्र में पाटली नदी उफान पर आने से किनारे पर बने मकान व फैक्टरी में फंसे 7 लोगों को एसडीआरफ टीम ने सुरक्षित निकाला।

कोटा में झमाझम

कोटा शहर में दिनभर कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होती रही। कोटा में बीते 24 घंटे में 19.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। नवनेरा बांध के सभी 27 गेट खोलकर साढ़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया। अयाना में अस्पताल में पानी घुस गया।

खातौली-कैथूदा चंबल नदी झरेर पुल पर पानी की आवक रही। इसके अलावा सांगोद, मंडाना, सुल्तानपुर समेत अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। चेचट में 49, दीगोद में 15, कनवास में 72, खातौली में 18, लाडपुरा में 11, मंडाना में 26, पीपल्दा में 9, सांगोद में 47, सुल्तानपुर में 55 एमएम बारिश दर्ज की गई।

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गुढ़ा बांध से 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

बूंदी जिले में जमकर बारिश हुई। गुढ़ा बांध के कैचमेंट में बारिश की वजह से सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे से बांध के 12 गेट 5 फीट की ओपनिंग के साथ खोले गए। पानी बढ़ने के बाद 18 गेट खोल दिए। इससे मेज नदी के आस पास के गांवों में जलभराव हो गया।

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप कसाना ने बताया कि लगातार बारिश से गुढ़ा बांध में पानी की आवक हो रही है। 30 में से 18 गेट खोल कर 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध पर अभी भी आधा फीट तक की चादर चल रही है।

Updated on:
28 Jul 2025 08:10 pm
Published on:
28 Jul 2025 08:10 pm