
कोटा. एक टेम्पो और 20 बच्चे... एक वैन और 24 बच्चे... सुरक्षा के इंतजाम तो दूर न लाइसेंस और ना ही परमिट... स्कूल प्रबंधन की तो बात छोडि़ए अभिभावक भी तमाम हादसों और परिवहन विभाग ( Transport Department ) के लाख चेताने के बाद भी अपने जिगर के टुकड़े की जिंदगी से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे। परिवहन विभाग ने बुधवार से अवैध स्कूली वाहनों और बाल वाहिनियों ( bal vahini ) के सुरक्षा मानकों की जांच शुरू की तो हर जगह ऐसे ही हालात मिले। परिवहन निरीक्षकों ने पहले ही दिन 56 वाहनों पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ( Transport Minister Pratap Singh Khatriyavas ) ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश के परिवहन अधिकारियों को अधिकृत बाल वाहिनियों के सुरक्षा मानकों की जांच और इनके नाम पर चल रहे अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए थे। परिवहन विभाग ने सप्ताह भर पहले ही सभी स्कूलों को नया सत्र शुरू होने से पहले ही व्यस्थाएं सुधारने को कहा था, लेकिन बुधवार से अभियान चलाया तो बेहद भयावह हालात सामने आए।
तीन टीमों ने की जांच
एआरटीओ मथुरा प्रसाद मीणा ने बताया कि परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह गहलोत, फरहीन अख्तर और नरेश स्वामी के नेतृत्व में तीन टीमें गठित कर सुबह स्कूली वाहनों की जांच की गई। इस दौरान 10 बाल वाहिनियों में सुरक्षा इंतजाम पूरे नहीं मिले। अधिकांश बसों की खिड़कियों पर सेफ्टी कैरियर नहीं था। अग्निशमन यंत्र भी काम नहीं कर रहे थे और बसों पर तैनात स्टॉफ भी वर्दी में नहीं था। अधिकांश स्कूलों में बच्चे निजी वैन और टेम्पो से जाते हुए मिले। जो पूरी तरह से कवर्ड थे और उनमें बच्चे क्षमता से अधिक बैठा रखे थे।
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काटा चालान, दिया नोटिस
आरटीओ ने बताया कि बाल वाहिनियों का चालान काट कर सबंधित स्कूल और वाहन मालिकों को जल्द से जल्द सुरक्षा मानक पूरे कर दोबारा वाहनों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जबकि बाल वाहिनियों का परमिट लिए बिना अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों का चालान काट कर उन्हें या तो परमिट लेने या फिर संचालन बंद करने के निर्देश दिए। वाहन चालकों पर दो लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई जारी रहेगी।