
कोटा. शेयर बाजार में लोगों के करोड़ों रुपए लगवाकर व्यवसाय बंद कर फरार हुए कोटा के एक परिवार के 4 जनों को विज्ञान नगर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जिन्हें मंगलवार को अदालत में पेश करने पर जेल भेज दिया।
शहर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि विज्ञान नगर निवासी पदम कुमर जैन ने वर्ष 2000 में गुमानपुरा में इन्वेस्टमेंट फाइनेंस कंसलटेंट नाम से एक कार्यालय शुरू किया था। जिसमें उनकी पत्नी आशा जैन प्रोपराइटर थी। वे स्वयं, उनका बेटा मनीष, बहू श्वेता शेयर बाजार का काम कर रहे थे। उन्होंने कई लोगों से शेयर बाजार के नाम पर अपनी कम्पनी में करोड़ों रुपए जमा करवाए। इसके बाद कई लोगों के करोड़ों रुपए के चेक लेकर काम बंद कर कोटा से फरार हो गए। कई लोगों ने उनके खिलाफ गुमानपुरा थाने में धोखाधड़ी और अदालत में चेक अनादरण के मामले दर्ज करवाए। अदालत ने उन्हें भगोड़ा करार देकर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
आरोपियों की तलाश के लिए विज्ञान नगर सीआई नीरज गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। गुप्ता ने बताया कि पदम जैन दिल्ली के एक मंदिर में पूजा पाठ का काम करता था। चारों आरोपियों के पांडव नगर दिल्ली में होने की सूचना पर टीम उन्हें वहां से गिरफ्तार कर कोटा लाई। जिन्हें मंगलवार को अदालत में पेश करने पर जेल भेज दिया।
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बेझिझक ली रिश्वत, सिर झुकाए गए जेल
कोटा. करीब एक माह पहले अपहृत किशोरी के मामले में कार्यवाही करने की एवज में 8 हजार रुपए रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़े आरकेपुरम् थाने के एसआई सुरेश कुमार शर्मा व एएसआई रफीकुद्दीन को मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जब 21 अगस्त तक जेल भेज दिया गया। वहीं मामले को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने दोनों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
एसीबी बारां के निरीक्षक ज्ञानचंद मीणा ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ व जांच पूरी होने पर उन्हें अदालत में पेश किया था। मामले की जांच की जा रही है। जैसे ही एसीबी की टीम दोनों को अदालत से लेकर जेल जाने लगी तो उस समय दोनों की निगाहें शर्म से झुकी हुई थी।
इधर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने व जेल भेजने पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तुरंत प्रभाव से निलम्बित कर दिया।
यह है मामला
बोराबास निवासी एक व्यक्ति की 16 साल की बेटी का 5 जुलाई को अपहरण हो गया था। इस मामले में थाने के एसआई सुरेश कुमार शर्मा व एएसआई रफीकुद्दीन ने मिलीभगत कर नाबालिग को बालिग बताते हुए 5 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया था। पीडि़त की शिकायत पर एसीबी बारां की टीम ने एसआई सुरेश शर्मा को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। जबकि रफीकुद्दीन को मिलीभगत में शामिल होते पर पकड़ा।