
रावतभाटा. क्षेत्र में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल व श्रद्धा काकेन्द्र पाड़ाझर महादेव जाना अब भक्तों के लिए आसान व सुरक्षित हो जाएगा। न तो उनके पैर कीचड़ में खराब होंगे और न ही उन्हें चलने में परेशानी होगी। भैंसरोडगढ़ वन्य जीव अभयारण्य की ओर से मंदिर पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
अभयारण्य के अधिकारियों का कहना है कि मन्दिर विकास पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। उक्त मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। रैलिंग नहीं होने से गिरने की संभावना रहती है। उनकी सुरक्षा को लेकर मन्दिर की सीढिय़ों व बाहर रैलिंग लगाई जाएगी। इससे मन्दिर भी सुन्दर दिखने लगेगा। वर्तमान में मन्दिर तक आने वाला मार्ग कच्चा है। जिससे बरसात के दिनों में कीचड़ हो जाता है। मन्दिर वन्य क्षेत्र में होने से पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोटूका से लेकर मन्दिर तक पांच किमी रास्ते पर ग्रेवल कराई जाएगी। इससे मंदिर तक जाने की राह आसान होगी। कीचड़ से भी छुटकारा मिलेगा। इसका प्रस्ताव बनाकर कोटा वन मंडल को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करवा देंगे।
जगह-जगह रखवाएंगे कचरा पात्र
मन्दिर में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कचरा पात्र नहीं होने से श्रद्धालु थैलियां, अगरबत्ती के खाली पैकेट सहित अन्य कचरा यहां-वहां फेंक देते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए मन्दिर परिसर में कचरा पात्र रखवाए जाएंगे। ताकि मंदिर परिसर में सफाई बनी रहे। साथ ही सेवादारों को प्रतिदिन कचरा पात्र खाली करने के लिए पाबंद किया जाएगा।
मरम्मत कार्य भी होगा
अधिकारियों का कहना है कि मन्दिर कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गया है। बजट में से कुछ राशि मरम्मत पर भी खर्च की जाएगी। साथ ही आवश्यकतानुसार मन्दिर के बाहर व परिसर में रंग रोगन भी कराया जाएगा।
पूर्व में किया था निरीक्षण
मन्दिर के विकास को लेकर पूर्व में भैंसरोडगढ़ वन्य जीव अभयारण्य के अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। श्रद्धालुओं को मन्दिर आने में आ रही परेशानियों व मन्दिर की सुन्दरता को कैसे बरकरार रखा जाए आदि स्थितियों को देखा था।
पाड़ाझार महादेव मन्दिर के विकास पर 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां पर रैलिंग लगवाई जाएगी। इसके आलावा मोटूका से लेकर मन्दिर तक रास्ते में ग्रेवल डलवाई जाएगी, जिससे लोगों को आने-जाने में आसानी हो।
दिनेश नाथ, रैंजर