
कोटा. तय उम्र पूरी कर चुकी कोटा थर्मल की यूनिटें अब भी अपनी क्षमता से ज्यादा विद्युत उत्पादन कर रही हैं। पिछले साल के मुकाबले कोटा थर्मल ने इस बार 7165 लाख यूनिट बिजली का ज्यादा उत्पादन किया। इतना ही नहीं कोयले और ऑयल की खपत घटाने के साथ ही डैमरेज भी कंट्रोल किया गया।
सात में से तीन यूनिटों की उम्र पूरी होने के बावजूद बिजली उत्पादन के क्षेत्र में कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट की धाक इस साल भी कायम रही। कोटा थर्मल ने वित्त वर्ष 2018-19 में कोटा थर्मल ने 79,295 लाख यूनिट बिजली बनाई, जो पिछले साल से 7,165 लाख यूनिट ज्यादा है। पूरे साल में प्लांट ने अपनी मानक उपलब्धता 82 प्रतिशत के मुकाबले इस साल 4.86 फीसदी ज्यादा उत्पादन कार्य किया।
खपत और घाटे पर भी लगाम
विद्युत उत्पादन बढ़ाने के साथ ही कोटा थर्मल ने इस साल स्पेसिफिक ऑयल कंजम्शन और कोयले की खपत घटाने के साथ ही डैमरेज कंट्रोल पर भी पिछले सालों से बेहतर काम किया। कोयले की रैक प्लांट पहुंचने के बाद उन्हें खाली करने के लिए रेलवे कोटा थर्मल को सात घंटे का समय देता है। यदि इससे ज्यादा समय लगता है तो उसके लिए जुर्माना (डैमरेज) वसूला जाता है। पिछले साल कोटा थर्मल ने करीब 30 लाख रुपए का डैमरेज रेलवे को दिया था। जो इस साल घटकर करीब आधा 16.75 लाख रुपए ही चुकाना पड़ा।
कोटा थर्मल के कर्मचारियों, अधिकारियों और अभियंताओं की साझा मेहनत के चलते हम ज्यादा विद्युत उत्पादन करने और खपत घटाने में सफल हुए हैं। इस साल कोयले एवं ऑयल की खपत घटाने के साथ ही डैमरेज पूरी तरह से कंट्रोल कर बिजली उत्पादन के पिछले रिकॉर्ड तोडऩे की पूरी कोशिश की जाएगी।
केसी अग्रवाल, मुख्य अभियंता, कोटा थर्मल