9 आरोपितों को 3-3 साल की सजा, पुलिस कर्मियों पर हमला कर आरोपित को हिरासत से छुड़ाकर ले जाने का मामला
कोटा . नयापुरा थाना क्षेत्र में ८ साल पहले पुलिस कर्मियों पर हमलाकर आरोपित को हिरासत से छुड़ाकर ले जाने के मामले में एडीजे क्रम 5 अदालत ने गुरुवार को दोषी मानते हुए 9 आरोपितों को 3-3 साल कैद की सजा व 35-35 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।
हैड कांस्टेबल छोटूलाल सेन ने 15 जून 2009 को एमबीएस अस्पताल में नयापुरा पुलिस को पर्चा बयान दिया था। इसमें बताया था कि दुष्कर्म के मामले में सांगोद जेल में बंद आरोपित रोशन अली को कोटा की एडीजे अदालत में अगले दिन पेशी होने के कारण वो और कांस्टेबल महीपाल सिंह सांगोद जेल से लेकर आए थे।
बस से वो छावनी चौराहे पर उतरे और वहां से ऑटो से जेडीबी कॉलेज के सामने उतरे। यहां से पैदल ही उसे लेकर जेल की तरफ जा रहे थे। तभी स्टेडियम के पास 4-5 बाइक पर 13-14 जने आए। उन्होंने आते ही उन पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद वे रोशन को छुड़ाकर बाइक पर बैठाकर ले गए। उन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने 12 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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अपर लोक अभियोजक संजय राठौर ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से २१ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अदालत ने पुलिस कर्मियों पर हमला कर गम्भीर चोट पहुंचाकर आरोुिपत को छुड़ा ले जाने का दोषी मानते हुए आरोपित बंटी उर्फ शाकिर, कमाल मोहम्मद, बाबू उर्फ शकील, मंसूर मोहममद, सन्नी उर्फ सलाउद्दीन, रोशन अली, आसिफ और मुख्तार को 3-3 साल कैद की सजा व ३५-३५ हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है, जबकि शराफत व मुन्ना उर्फ बावरिया फरार हैं और एक आरोपित अय्यूब के खिलाफ मामला लम्बित रखा है।