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ओमिक्रॉन के बीच जयपुर में निकलेगी महंगाई को लेकर महारैली

कोटा जिला प्रभारी व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा रविवार को पहली बार कोटा पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए कहा, देश में महंगाई केन्द्र की देन है।  
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Dec 06, 2021
ओमिक्रॉन के बीच जयपुर में निकलेगी महंगाई को लेकर महारैली
ओमिक्रॉन के बीच जयपुर में निकलेगी महंगाई को लेकर महारैली

कोटा. कोटा जिला प्रभारी व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा रविवार को पहली बार कोटा पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए कहा, देश में महंगाई केन्द्र की देन है। हाईकमान के निर्देश पर कांग्रेस महंगाई के खिलाफ दिल्ली की बजाय 12 दिसम्बर को राजस्थान में महंगाई हटाओ महारैली करने जा रही है। रैली में महंगाई के खिलाफ जनसैलाब उमड़ेगा। लोकसभा व विधानसभा चुनाव का ज्यादा समय नहीं बचा है। अभी से कमर कसनी होगी। महंगाई को लेकर जनता खासी परेशान है। उन्होंने कहा कि हम महारैली से यह संदेश देना चाहते है कि मोदीजी महंगाई हटाओ, देश की जनता को बचाओ।

हम पर दोषारोपण नहीं करें

मंत्री ने कहा कि महंगाई कांग्रेस ने नहीं बढ़ाई है। महंगाई बढ़ाने का जिम्मा केन्द्र सरकार के पास है। स्पेशल एक्साइज ड्यूटी व सेस लगा रखा है। हमारे ऊपर दोषारोपण नहीं करना चाहिए।

तो फिर शाह भी जयपुर में रोड शो कर रहे

कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच रैली व भीड़ जुटाने को लेकर उन्होंने कहा कि रैली में हर कांग्रेस कार्यकर्ता मास्क लगाकर जाएगा। गाइडलाइन की पालना की जाएगी। महंगाई के खिलाफ अपनी बात कह रहे हैं। देश के गृहमंत्री अमित शाह खुद जयपुर में रोड शो कर रहे हैं।

मृत किसानों के परिजनों को मिले मुआवजा
मंत्री मीणा ने कहा, किसान आंदोलन में 700 किसान मारे गए। मोदी व शाह कहते रह गए कि हमारे पास मृतक किसानों के कोई आंकड़े नहीं है। राहुल गांधी ने पूरी सूची पेश कर दी और अब तो किसानों के परिजनों का मुआवजा दो।

मैं तो पीले चावल बांटने आया हूं
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोटा से दस हजार से ज्यादा कार्यकर्ता जयपुर रैली जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मुझे जिम्मेदारी दी है। प्रभारी मंत्री के नाते मैं सभी कार्यकर्ताओं को पीले चावल बांटने आया हूं। मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर हर वार्ड से कार्यकर्ताओं की गाड़ी जाएगी।

Published on:
06 Dec 2021 01:44 pm
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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।