खुद की ही जमीन पर कब्जा करवाने के लिए कैथून थाना प्रभारी धनराज मीणा की ओर से कांस्टेबल के जरिए 3 लाख रुपए मांगने के मामले में शनिवार शाम को कोटा एसीबी ने आरोपी कैथून थाने के कांस्टेबल भरत कुमार जाट को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल के गिरफ्तार होने की भनक लगते ही थाना प्रभारी फरार हो गया। एसीबी की टीम आरोपी की तलाश में जुटी है।
Crime news : खुद की ही जमीन पर कब्जा करवाने के लिए कैथून थाना प्रभारी धनराज मीणा की ओर से कांस्टेबल के जरिए 3 लाख रुपए मांगने के मामले में शनिवार शाम को कोटा एसीबी ने आरोपी कैथून थाने के कांस्टेबल भरत कुमार जाट को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल के गिरफ्तार होने की भनक लगते ही थाना प्रभारी फरार हो गया। एसीबी की टीम आरोपी की तलाश में जुटी है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ.रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी कोटा इकाई को परिवादी की ओर से शिकायत मिली थी, कि जमीन के विवाद में उसे खुद की ही जमीन पर कब्जा दिलवाने की एवज में कैथून थाना प्रभारी धनराज मीणा थाने के कांस्टेबल भरत कुमार जाट के जरिए परिवादी से 3 लाख रुपए की रिश्वत की मांग करते हुए उसे परेशान किया जा रहा था।
मामले में एसीबी कोटा के उप महानिरीक्षक पुलिस कल्याण मल मीणा के निर्देश पर एसीबी कोटा इकाई के एएसपी विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन में शिकायत के सही पाए जाने पर शनिवार को ट्रेप की कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। इसमें कोटा सीआई देशराज और टीम ने कांस्टेबल भरत कुमार जाट को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कांस्टेबल के गिरफ्तार होने की भनक लगते ही कैथून थाना प्रभारी धनराज मीणा फरार हो गया। एसीबी टीम की ओर से आरोपी की तलाश की जा रही है।
आरोपी से पूछताछ जारी
गिरफ्तार कांस्टेबल भरत कुमार जाट से एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में पूछताछ की जा रही है। मामले में एसीबी की ओर से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।