सप्ताह भर में कोटा शहर में आठ पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण नजर आए हैं। पशुओं का बहुउद्देश्रीय जिला पशुचिकित्सालय मेंं आइसोलोट कर उपचार किया जा रहा है।
एक बार फिर से लंपी रोग ने दस्तक देना शुरू किया है। सप्ताह भर में कोटा शहर में आठ पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण नजर आए हैं। सूचना के बाद पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने इन पशुओं का इलाज शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, लंपी वायरस से प्रभावित पशुओं की संख्या 16 बताई जा रही है, लेकिन पशुपालन विभाग ने संक्रमित पशुओं की संख्या आठ बताई है। इनमें से एक पशु की सूचना विभाग को मंगलवार को ही मिली है। इन पशुओं की सूचना छावनी, सूरजपोल, कुन्हाड़ी व श्रीनाथपुरम क्षेत्र से मिली थी।
सातों पशुओं का बहुउद्देश्रीय जिला पशुचिकित्सालय मेंं आइसोलोट कर उपचार किया जा रहा है। विभाग के उपनिदेशक डॉ.अखिलेश पांडेय के अनुसार टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि गत वर्ष प्रदेश भर में लंपी वायरस संक्रमण फैल गया था और इसने विकराल रूप ले लिया था। रोग से पीडि़त कई मवेशियों की जान भी गई थी। संयुक्त निदेशक चंपालाल मीणा व निदेशक भवानी सिंह राठौड़ के अनुसार, अन्य स्थानों से लंपी वायरस संक्रमण जैसे कोई सूचना नहीं है। जो पशु आए हैं, उनमें लक्षण नजर आए हैं।
इनमें आशंका
गत वर्ष विभाग ने प्रदेश भर में पशुओं में टीकाकरण किया है। जिले में 73000 पशुओं को टीके लगाए गए हैं। लंपी स्कीन डिजीज के टीके 4-5 माह के बछड़ों को नहीं लगाए जा सकते। इनमें लंपी के संक्रमण की आशंका है, इसे देखते हुए टीकाकरण कर रहे हैं।