कोटा

अपने हक के लिए हुए आक्रोशित, किया घेराव

सफाई कर्मचारियों ने किया हंगामा
2 min read
Dec 02, 2020
chechat, kota
चेचट. सफाई कार्य की निविदा खोलने पर अधिकारियों व पंचायत कोरम का घेराव कर हंगामा करते कर्मचारी।

चेचट. कस्बे में सफाई कार्य के लिए राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर बुधवार को सरपंच कृष्णा माली की अध्यक्षता एवं अतिरिक्त विकास अधिकारी सुरेशचन्द वर्मा, पंचायत प्रसार अधिकारी भानुप्रकाश शृंगी, सहायक लेखाधिकारी रामस्वरूप महावर व वार्ड पंचों की उपस्थिति में आमन्त्रित निविदाएं खोली गई। जिसमें फर्म पंवार लेवर सप्लायर्स चम्बल कॉलोनी कोटा की न्यूनतम राशि प्राप्त होने पर कार्यादेश देने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
ग्राम विकास अधिकारी कौशल किशोर गुप्ता ने बताया कि कस्बे में सफाई कार्य के लिए आमन्त्रित निविदाएं सरपंच की अध्यक्षता में खोली गई। तीन फर्मों ने कार्य की धरोहर राशि के डीडी के साथ न्यूनतम दरें प्रस्तुत की थी। जिसमें पंवार लेवर सप्लायर्स चम्बल कॉलोनी कोटा की दर राशि 3 लाख 92 हजार 500 रुपए, ब्लैक बेट सेक्युरिटी एण्ड एलाइड सर्विसेज प्रालि दादाबाड़ी कोटा की 3 लाख 98 हजार रुपए एवं जिला पूर्व सैनिक बहुउद्देशीय सहकारी समिति लिमिटेड दादाबाड़ी कोटा की दर राशि 3 लाख 93 रुपए रुपए थी। तीन फर्मों में पंवार लेवर सप्लायर्स न्यूनतम दर प्राप्त हुई। प्राप्त निविदाओं पर क्रय समिति व पंचायत कोरम ने न्यूनतम दर दावा की फर्म को सफाई कार्य का सर्वसम्मति से कार्य आदेश देने का निर्णय लिया। जिस पर फर्म का अनुबन्ध कर कार्य आदेश जल्दी जारी कर दिए जाएंगे।

पंचायत कार्यालय का किया घेराव
ग्राम पंचायत की ओर से कस्बे में सफाई कार्य के लिए किए टेण्डर को निरस्त करने, दो माह का बकाया मानदेय देने एवं पूर्व सफाई कर्मचारियों को कार्य पर लगाने की मांग को लेकर पंचायत कार्यालय पर हंगामा कर घेराव किया। सफाईकर्मी अपनी मांग को लेकर सुबह से पंचायत कार्यालय पंहुच गए। उन्होंने पंचायत कर्मचारियों को कार्यालय का ताला नहीं खोलने दिया। बाद में सूचना पर मौके पर पंहुची पुलिस ने पंचायत का ताला खुलवाया। इसके बाद भी सफाई कर्मचारी अपनी मांग को लेकर पंचायत कार्यालय के बाहर डटे रहे। अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग रखकर उनका घेराव कर हंगामा किया। निविदा प्रक्रिया के बाद सफाई कर्मचारियों ने सरपंच व अधिकारियों सहित पंचायत कोरम का घेराव कर हंगामा किया।

प्राथमिकता पूर्व कर्मचारियों को
उधर, निविदा ठेकेदार संदीप पंवार ने बताया कि कस्बे में सफाई कार्य के लिए प्रथम प्राथमिकता पूर्व सफाई कर्मचारियों को दी जाएगी। अगर ये कार्य करने को राजी नहीं होंगे तो बाहर से कर्मचारी लाकर सफाई कार्य कराया जाएगा।

सफाई कर्मचारियों का 18 दिन का मानदेय देना है। लेकिन उन्होंने अभी तक सफाई कार्य करने के उपयोग में लिए जाने वाला सामान जमा नहीं कराया है। सामान जमा होने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा।
कृष्णा माली, सरपंच, चेचट

Published on:
02 Dec 2020 11:46 pm
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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

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