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रफी साहब के गीतों से सजी सुरमई शाम, कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

कोटा

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Newsdesk

Aug 02, 2026

Rajasthan

झालावाड़. हिन्दी फिल्मों के पार्श्व गायक मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को संगीत मंच परिवार की ओर से अनंग कुमार जैन स्मृति भवन में 'एक शाम रफी साहब के नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मधुर स्वर लहरियों से सजी संगीतमयी शाम में जिले के कलाकारों ने मोहम्मद रफी के सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम देर रात तक चला।
कार्यक्रम का शुभारंभ नन्ही बालिका लावण्या ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर तथा रफी साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद डॉ. हेमंत शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।

अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा और सचिव प्रभात सक्सेना ने बताया कि जिले के प्रतिभाशाली कलाकारों ने रफी साहब के रोमांटिक, देशभक्ति और विरह रस से जुड़े अमर गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संध्या में बलदेव राज भाटिया, कमल चौरसिया, सावित्री विजयवर्गीय, महीपेंद्र सिंह, प्रभात सक्सेना, करण शर्मा, लक्की हाड़ा, दुर्गाशंकर, विवेक सक्सेना, हर्षिता औदिच्या, डॉ. राजेश शर्मा, अजय रावल, सौरभ सोनी सहित कई कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। लावण्या ने एक साथ वायलिन बजाते हुए 'कर चले हम फिदा' गीत गाकर खूब तालियां बटोरी।

आकाशवाणी झालावाड़ के उद्घोषक कमल शर्मा ने रफी साहब के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद, लायंस क्लब, झालावाड़ हेरिटेज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं संगीत प्रेमी मौजूद रहे। मंच का संचालन प्रवीण भाटिया और करण शर्मा ने किया।

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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

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