
, सुरों से दी श्रद्धांजलि
भवानीमंडी. यादगार सांस्कृतिक मंच की ओर से शहंशाह-ए-तरन्नुम, पद्मश्री एवं सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक मोहम्मद रफी की 46वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को ‘यादें रफी’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इसकी शुरुआत डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ की।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने रफी के सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियां देकर उनकी यादों को ताजा कर दिया। महेश चौकसे ने ‘दिल कहे रुक जा रे रुक जा’, हंसराज आस्तोलिया ने ‘वादा कर ले साजना’, ललित जांगिड़ ने ‘फिरकी वाली तू कल फिर आना’, राकेश शर्मा ने ‘ना झटको जुल्फ से पानी’ तथा डॉ. विष्णु सेन ने ‘है फूलों की रानी’ गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में राजेश मेहरा ने ‘खिलौना जानकर तुम तो’, अजय चतुर्वेदी ने ‘ओ दुनिया के रखवाले’, आकाश तंवर ने ‘दिन ढल जाए हाय रात न जाए’, उमेश आंजना ने ‘ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आंखें’, संजय श्रीमाल ने ‘क्या हुआ तेरा वादा’, सुनील मारवाड़ी ने ‘जन्म-जन्म का साथ है निभाने को’, जगदीश गुप्ता ने ‘बहारों फूल बरसाओ’, वासुदेव पालीवाल ने ‘बड़ी दूर से आए हैं’ तथा डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने ‘अकेले हैं चले आओ जहां हो’ गीत की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से रफी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान रफी के संगीत और उनकी अमर आवाज को याद करते हुए उनके गीतों की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।
Updated on:
02 Aug 2026 06:01 am
Published on:
02 Aug 2026 06:01 am
