
कोटा. सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बजरी का अवैध खनन व परिवहन बदस्तूर जारी है। परिवहन विभाग इस अवैध कारोबार को रोकने की कोशिश कर रहा है तो पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा। इस कारण अवैध खननकर्ता धौंस व दादागिरी की दम पर अवैध खनन व परिवहन में लगे ट्रकों को छुड़ाकर ले जा रहे हैं।
गुरुवार सुबह डाबी थाना क्षेत्र के खड़ीपुर में भी कुछ ऐसा ही हुआ। सहायक निरीक्षक परवीन अख्तर ने बताया कि उन्हें खड़ीपुर स्लीप लेन पर बजरी के ट्रक खड़े होने की सूचना मिली। इस पर कार्रवाई करने के लिए बूंदी परिवहन विभाग के उडऩदस्ते के साथ मौके पर पहुंची। जब उन्होंने ट्रकों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की तो चार वाहनों में कुछ लोग आ गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया और ट्रकों को रवाना करवा दिया।
जब टीम उन्हें रोकने लगी तो उनमें से कुछ लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया और ट्रक छुड़ाकर ले गए। परिवहन विभाग के गार्ड ने एक आरोपी तालाब गांव निवासी इमामुद्दीन को पकड़कर डाबी थाना पुलिस को सौंप दिया।
उधर नाकाबंदी तो इधर से आने लगे बूंदी जिले के बरुंधन चौराहे पर पुलिस व परिवहन विभाग का नाका होने से बजरी के ट्रक अब डाबी मार्ग से आने लगे हैं। इस मार्ग से रोजाना 50 के करीब ट्रक पास हो रहे हैं।
हम पर पत्थर फेंके
सहायक निरीक्षक परवीन अख्तर ने बताया कि कार्रवाई करने से पहले ही उन्होंने डाबी थाना पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन एक घंटे बाद भी पुलिस नहीं आई तो वे खुद कार्रवाई के लिए पहुंची। मौके पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने पुलिस को कई बार फोन किए, लेकिन कोई नहीं आया। जब अवैध खननकर्ता ट्रक छुड़ा ले गए, उसके बाद पुलिस आई।
पत्थर फेंकने की घटना गलत
डाबी थाना प्रभारी बुद्धिप्रकाश नामा ने बताया कि परिवहन विभाग की सहायक निरीक्षक जब कार्रवाई करने गई तो उनके पास मैन पावर नहीं थी, ऐसे में अवैध खननकर्ता ट्रक छुड़ाकर ले गए। पत्थर फेंकने की घटना बिल्कुल गलत है। सूचना मिलते ही एएसआई इरशाद मौके पर पहुंचे और ट्रकों की तलाश की। पुलिस ने तालाब गांव निवासी इमामुद्दीन को गिरफ्तार किया है।