
श्योपुर से कोटा तक बिछेगी नई रेल लाइन। फोटो: पत्रिका
कोटा। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में श्योपुरकलां-कोटा नई रेल लाइन परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना के तहत 93.22 किमी लंबी नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव कोटा रेल मंडल ने तैयार कर रेलवे बोर्ड को भिजवा दिया है। इसके मार्ग में 7 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने पर श्योपुर क्षेत्र सीधे कोटा से रेल मार्ग के जरिए जुड़ सकेगा। इससे कोटा जिले के कई कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी रेल सुविधा मिलेगी।
ग्वालियर से श्योपुरकलां तक 187.53 किमी रेल मार्ग का आमान परिवर्तन करने और वहां से कोटा तक नई रेल लाइन बिछाने की परियोजना को वर्ष 2010-11 में उत्तर मध्य रेलवे की पिंक बुक में शामिल किया गया था। उस समय कोटा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन की लंबाई 104.96 किमी बताई गई थी। बाद में फाइनल लोकेशन सर्वे के आधार पर तैयार प्रस्ताव में इसकी लंबाई 93.22 किमी निर्धारित की गई। रेलवे बोर्ड ने 29 मार्च 2022 को पत्र जारी कर श्योपुरकलां से कोटा तक नई रेल लाइन का काम पश्चिम मध्य रेलवे को सौंप दिया था। इसके बाद फाइनल लोकेशन सर्वे की 31 जनवरी 2023 को मंजूरी मिली और 7 मई 2023 को सर्वे का ठेका दिया गया।
अब परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे के आधार पर 2,376.84 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर 10 मई 2024 को स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजी गई। इस रेल लाइन में ग्वालियर-श्योपुरकलां गेज परिवर्तन किया जाएगा और रेल लाइन दूसरे चरण में कोटा तक विस्तार की व्यापक परियोजना है।
प्रस्तावित 93.22 किमी लंबे रेल मार्ग पर कुल नौ स्टेशन होंगे। इनमें श्योपुरकलां और श्रीकल्याणपुरा दो मौजूदा स्टेशन हैं, जबकि सात नए स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इनमें कान्हापुरा, खेड़ा, पीपलदा कलां, इटावा, दौलतपुरा, बड़ौद और सुल्तानपुर शामिल हैं। इन स्टेशनों के बनने से आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को रेलयात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
रेललाइन के निर्माण में नदी-नालों और रास्ते में आने वाली भौगोलिक बाधाओं को ध्यान में रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार मार्ग पर तीन महत्वपूर्ण पुल, 32 बड़े पुल और 107 छोटे पुल बनाए जाने हैं। इसके अलावा सड़क यातायात को सुचारू रखने के लिए 59 रोड अंडरब्रिज बनाने का भी प्रावधान है।
नवंबर 2024 की कार्ययोजना में डीपीआर की मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया के लिए 18 महीने का समय निर्धारित किया गया था। इसी कार्ययोजना में परियोजना को वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, निर्माण कार्य की गति रेलवे बोर्ड की स्वीकृति, जमीन की उपलब्धता और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
नई रेल लाइन बनने से श्योपुर क्षेत्र और कोटा के बीच सीधा रेल संपर्क विकसित होगा। इससे मार्ग में आने वाले कस्बों और गांवों के लोगों को कोटा आने-जाने में सुविधा मिल सकेगी। शिक्षा, इलाज और व्यापार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
संशोधित सर्वे में श्योपुर-कोटा में प्रस्तावित नई रेल लाइन की लंबाई 104.96 किमी से घटाकर 93.22 किमी निर्धारित की गई है। फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा कर कोटा रेल मंडल की ओर से प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भिजवा दिए गए हैं। अब इस मार्ग में 7 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे राजस्थान व मध्यप्रदेश दोनों प्रदेशों के लोगों को लाभ मिलेगा।
-सौरभ जैन, सीनियर डीसीएम, कोटा रेल मंडल
Updated on:
3 Nov 2026, 12:42 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 12:42 PM IST
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