कोटा

धारीवाल के पैर पड़े बंशीलाल के परिजन, बोले-हमारा घर उजाडऩे वालों को कब मिलेगी सजा, भूखे मरने की आ गई नौबत

बंशीलाल की पत्नी मंत्री धारीवाल से बोली- भूखे मरने की नौबत आ गई है। दो बच्चे हैं, कैसे उनको पढ़ाऊंगी। डेयरी के भ्रष्ट लोगों ने ही मेरे पति की जान ली है।
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May 20, 2019
Banshi lal Suicide Case
धारीवाल के पैर पड़े बंशीलाल के परिजन, बोले-हमारा घर उजाडऩे वालों को कब मिलेगी सजा, भूखे मरने की आ गई नौबत

कोटा. तालेड़ा के बंशीलाल आत्महत्या मामले ( Banshi lal Suicide Case ) में पुलिस ( Bundi Police ) जांच में लापरवाही सामने आने के बाद आक्रोशित माली समाज ( Mali Samaj ) अब सड़क पर उतर आया है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ( Urban Development Minister Shanti Dhariwal ) से मिलकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई उन्होंने दोषियों को बचाने के लिए पुलिस पर आरोपियों की मदद करने का आरोप लगाया। धारीवाल ( UDH Minister Shanti Dhariwal ) जब सुबह छत्रविलास उद्यान में घूमने गए तो माली समाज के लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनकी बात सुनने का अनुरोध किया। इस पर धारीवाल रुके और उनकी बात सुनी। पीडि़त परिवार के लोगों ने मंत्री धारीवाल के पैर पकड़ लिए और कहा कि हमें न्याय चाहिए, हमारा तो घर ही उजड़ गया।

भूखे मरने की नौबत आ गई

बंशीलाल की पत्नी संजू ने कहा, भूखे मरने की नौबत आ गई है। घर में बंशीलाल ही कमाई का सहारा था, दो बच्चे हैं, कैसे उनको पढ़ाऊंगी। डेयरी के भ्रष्ट लोगों ने ही मेरे पति की जान ली है। आए दिन डेयरी के कर्मचारी बीएमसी तालेड़ा आते और कर्मचारियों के मोबाइल से खुद डेयरी चेयरमैन श्रीलाल गुंजल मोबाइल से धमकाता था।

लिखित शिकायत तालेड़ा थाने में आत्महत्या करने से 2 तीन दिन पहले खुद बंशीलाल सैनी ने की थी, यदि तालेड़ा पुलिस उस शिकायत पर कार्रवाई कर लेती तो मेरे पति को आत्महत्या नहीं करनी पड़ती। मेरे बच्चों के साथ बहुत अन्याय हुआ है, हमारे साथ कब न्याय होगा। उधर, माली समाज के संभागीय प्रवक्ता राजेन्द्र सुमन ने बताया कि यदि 23 मई से पहले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो माली समाज बूंदी से उग्र आंदोलन शुरू करेगा, कलक्ट्रेट पर अनशन करेंगे।

Published on:
20 May 2019 08:00 am