कोटा

BIG NEWS: देश में कभी भी हो सकता है ब्लैक आउट, बि‍जलीघरों में कोयले का संकट!

कोयले की कमी के चलते राजस्थान के थर्मल पावर प्लांटों पर बंदी का संकट मंडराने लगा है। ऐसे में राजस्थान के सात राज्यों में अंधेरा पसर जाने की संभावना है।
2 min read
• •
Jun 04, 2018
kota Thermal
BIG NEWS: ढाई दिन बाद देश में कभी भी हो सकता है ब्लैक आउट!

कोटा . कोयले की कमी के चलते राजस्थान के थर्मल पावर प्लांटों पर बंदी का संकट मंडराने लगा है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने इन्हें सुपर क्रिटिकल कंडीशन में डाल दिया है। फिलहाल तीनों प्लांटों में औसतन ढाई दिन का भंडारण ही शेष बचा है। राजस्थान में 5720 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए कोयला आधारित 4 विद्युत उत्पादन प्लांट हैं। ऐसे में जल्द ही कोयले का इंतजाम नहीं हुआ तो राजस्थान के सात राज्यों में अंधेरा पसर जाने की संभावना है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन के मुताबिक इन सभी थर्मल पावर प्लांट्स में कम से कम 30 दिन के कोयले का भंडारण मौजूद रहना चाहिए, लेकिन इनमें से किसी के भी पास 3 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं है। इसके चलते झुलसाती गर्मी में बिजली की खासी मांग के बावजूद इनमें से एक भी पावर प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर नहीं चल पा रहा है।


स्थिति बेहद गंभीर
राजस्थान के तीन थर्मल पावर प्लांट में कोयले की उपलब्धता बेहद कम होने के कारण केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने सुपर क्रिटिकल कंडीशन घोषित कर रखी है। बावजूद इसके इन प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भंडारण नहीं हो पा रहा। हालत इतनी गंभीर है कि मई में छबड़ा थर्मल पावर प्लांट में कोयले का भंडारण 12 दिनों तक पूरी तरह खत्म हो गया। वहीं पांच दिनों तक सूरतगढ़ थर्मल प्लांट में भी कोयले का स्टॉक पूरी तरह निपट चुका था, जबकि कोटा थर्मल में भी एक पखवाड़े तक एक-दो दिन का ही स्टॉक बाकी बचा रहा।

OMG: युवक की दर्दनाक मौत से चौंकाने वाला खुलासा: कुत्ता ही नहीं पैंथर के काटने से भी होता है रेबीज


पूरी क्षमता से नहीं हो रहा विद्युत उत्पादन
कोयले की कमी के चलते प्लांटों में औसतन 3400 मेगावाट विद्युत उत्पादन ही हो पा रहा है। तीनों प्लांटों की एक भी यूनिट पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन नहीं कर रही।

Published on:
04 Jun 2018 12:20 pm