कोटा

दिल्ली से आए चीतल, अब बीकानेर का इंतजार

मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व में बाघों के लिए गत दिनों से दिल्ली से लाए जा रहे चीतल निर्धारित संख्या के अनुरूप लाकर दरा क्षेत्र में छोड़े जा चुके हैं।
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Updated: 20 Apr 2018, 4:46 PM IST
Special arrangements for the protection of wild animals
Special arrangements for the protection of wild animals

मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व में बाघों के भोजन के लिए गत दिनों से दिल्ली से लाए जा रहे चीतल निर्धारित संख्या के अनुरूप लाकर दरा क्षेत्र में छोड़े जा चुके हैं। अब अन्य जगहों से प्रस्तावित चीतलों को यहां लाकर छोड़ा जाना है। मकुन्दरा हिल्स में अप्रेल के पहले सप्ताह में रामगढ़ से बाघ को लाकर छोडऩे के बाद ही राष्टपति भवन दिल्ली स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क से चीतलों को लाने की अनुमति मिली थी, इसके बाद ही लगातार विभाग की टीम चीतलों को ला रही थी। विभाग के उप वन संरक्षक टी मोहन राज के अनुसार दिल्ली से कुल 105 चीतलों को लाकर छोड़ा गया है।

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जानकारी के अनुसार कोटा स्थित चिडिय़ाघर से 30 व बीकानेर के जू से 80 चीतलों को मुकुन्दरा हिल्स में लाकर छोडऩे के उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव दिए गए है। यहां से अनुमति मिलने के बाद इन्हें भी टागइर रिजर्व में लाकर छोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व में गत एक वर्ष करीब 400 चीतलों को लाकर छोड़ा जा चुका है। चीतल बाघ के प्रिय भोजन में से एक है। इसी के चलते टागइर रिजर्व में इनकी संख्या में इजाफा किया जा रहा है।

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मुकुन्दरा हिल्स के 82 वर्ग किलोमीटर के दायरे में छोड़ा जाना है। छुटपुट कार्य एक दो दिन में पूर्णइधर टागइर रिजर्व में बनाई जा रही सुरक्षा दीवार का बीच में छूटा हुआ हिस्से का निर्माण भी पूर्ण होने को है। चार से पांच फीट का भाग शेष रह गया है। गौरतलब है कि यह कार्य पूरा होने पर विभाग के उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देशों से बाघ को एनक्लोजर से निकालकर इस 82 वर्ग किलोमीटर के दायरे में छोड़ा जाएगा।

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फिलहाल बाघ 28 हैक्टेयर क्षेत्र में बनाए गए एनक्लोजर में विचरण कर रहा है। इसे 3 अप्रेल को रामगढ़ से रेस्क्यू कर दरा के जंगलों में बनाए गए एनक्लोजर में छोड़ा गया था। इस पर विभाग निगरानी रख रहा है। ..... कोटा व बीकानेर से भी लाए जाएंगे चीतलइधर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जी वी रेड्डी ने बताया कि

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