
कोटा. मध्यप्रदेश में भारी बारिश ( Heavy Rain ) से चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर ( Gandhi Sagar Dam ) में लगातार पानी की आवक हो रही है। हाड़ौती की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। संभाग के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के दर्जनों गांव टापू बने हुए। ( Flood in Kota Division ) कोटा और झालावाड़ में बाढ़ से जनजीवन बूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
सपनों का आशियाना ध्वस्त होने से कई परिवार बेघर हो गए हैं। कोटा शहर की बस्तियों में 10 से 15 फीट पानी भर गया है। 25 हजार से अधिक मकान बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना को बुलाया गया है। कोटा बैराज क्षेत्र को हाई रिस्क जोन घोषित कर दिया है। वहीं, इटावा क्षेत्र के 31 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। इधर, झालावाड़ में बाढ़ से लोगों का बुरा हाल है। प्रशासन ने रेस्क्यू कर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रही है। राहत दल और बचाव दल पूरी मुस्तैदी के साथ जुटे हुए हैं। वहीं, हाड़ौती में बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैना के जवान लोगों की मदद को जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री कर रहे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm ashok gehlot ) ने सोमवार सुबह हाड़ौती के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण ( Aerial survey ) कर स्थिति का जायजा लिया। सीएम सुबह 8.30 बजे जयपुर से हैलीकॉप्टर से रवाना हुए और सबसे पहले बूंदी जिले का हवाई सर्वे किया। ( Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot ) इसके बाद कोटा शहर और जिले के प्रभावित क्षेत्र का और फिर झालावाड़ जिले का दौरा कर बाढ़ हालातों का अवलोकन किया।
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सीएम के साथ नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल तथा आपदा राहत प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवरलाल शर्मा भी मौजूद हैं। धारीवाल ने बताया कि बूंदी के बाद कोटा शहर और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ के हालात देखे। धारीवाल ने कहा कि बाढ़ के हालातों पर वे तीन दिन से लगातार निगाह रखे हुए हैं। आपदा प्रबंधन के लिए जिला कलक्टर को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद जयपुर से आपदा प्रबंधन की टीम को कोटा भेजा जाएगा और नुकसान का सर्वे करेगी। इसके बाद विशेष बजट पैकेज दिया जाएगा। सुबह 11 बजे सीएम का हैलीकॉप्टर झालावाड़ जिले की सीमा में प्रवेश कर चुका है। वहां पानी से घिरे मकानों व खेतों का सर्वेक्षण किया।