
- तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेस
कोटा. जन्मजात अविकसित बच्चेदानी हो या बच्चेदानी के मुंह का कैंसर, ऐसी गंभीर बीमारियों के जटिल ऑपरेशन देशभर से आए चिकित्सकों ने लाइव देखे। दूरबीन पद्धति से किए गए इन ऑपरेशनों के टिप्स गायनिक चिकित्सकों को दिए गए। कोटा में एसोसिएशन ऑफ गायनी एण्डोस्कोपीक सर्जन ऑफ राजस्थान, कोटा ओवस्टेट्रिकल व गायनोकोलॉजी व राजदीप फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेस चल रही है। शनिवार को जेके लोन अस्पताल में बच्चेदानी से संबंधित कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित महिलाओं के ऑपरेशन किए गए। इन ऑपरेशन का लाइव प्रसारण आईएमए हॉल की बड़ी स्क्रीन पर किया गया।
अहमदाबाद के डॉ. दीपक लिम्बचिया ने एक महिला के बच्चेदानी के मुंह के कैंसर का ऑपरेशन किया। वहंीं डॉ. सीपी दाधीच ने महिला के जन्मजात अविकसित बच्चेदानी में योनी मार्ग को बनाने का सफल ऑपरेशन किया। डॉ. देशदीपक व डॉ. सुमेश ने 60 वर्षीय महिला के महामारी बंद होने के कुछ सालों बाद वापस ब्लिडिंग होने की शिकायत पर बच्चेदानी की गिठान का ऑपरेशन किया।
इसी तरह बड़ौदा के डॉ. देवेश शुक्ला ने बच्चेदानी की गिठान, डॉ. सुशीला सैनी, अहमदाबाद के डॉ. सोमेश चौधरी, जयपुर के डॉ. विजय नाहटा, डॉ. फ रेन्द्र भारद्वाज व डॉ. वीना आचार्य, जेके लोन अस्पताल के गायनिक विभाग के एचओडी डॉ. आरपी रावत ने दूरबीन से अलग-अलग सफ ल ऑपरेशन किए। जयपुर के डॉ. विजय नाहटा ने बताया कि दूरबीन से किए ऑपरेशन से मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं होती। वह दो दिन में अपना कामकाज कर सकता है। अमूमन बाहर इन ऑपरेशन पर लाखों का खर्चा होता है, लेकिन यहां नि:शुल्क किए गए। यहां दस रोगियों के ऑपरेशन किए गए।
तीन सौ चिकित्सकों ने देखा लाइव
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राजश्री दीपक गोहदकर ने बताया कि सेमिनार में देश के अलग-अलग स्थानों से करीब तीन सौ स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हुए। दुबई से डॉ. निशा भारद्वाज, ग्वालियर से डॉ. वृन्दा जोशी, आगरा से डॉ. संगीता चतुर्वेदी, बड़ौदा से डॉॅ. शिल्पी शुक्ला आदि भी उपस्थित रहे। सभी ने ऑपरेशन लाइव देखे। शाम को मेनाल होटल में कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. नीलिमा सिंह ने किया। रविवार को अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान व परिचर्चा आयोजित होगी। इसमें सभी चिकित्सक अपने अनुभवों को सांझा करेंगे।