राजस्थान के किसानों की बदहाली के विरोध में कांग्रेस बारां से आज न्याय यात्रा शुरू करेगी। इसीबीच बूंदी में एक किसान की सदमे से मौत हो गई।
राजस्थान के किसानों की बदहाली और उनकी मौत के सिलसिले को थामने में नाकाम रही भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस आज बारां से मोर्चा खोलेगी। किसानों की कर्जमाफी समेत अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस की ओर से सरकार को घेरने को लेकर चार दिवसीय किसान न्याय यात्रा का आगाज बारां जिला मुख्यालय से होगा। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी इसमें शामिल होंगे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने बताया कि कुछ देर बाद कृषि उपज मंडी के मुख्य द्वार से पदयात्रा का आगाज होगा। पदयात्रा का कारवां पहले दिन बामला तक पहुंच विश्राम करेगा। चार अक्टूबर को बामला से खानपुर तक पदयात्रा चलेगी। पांच अक्टूबर को खानपुर से मंडावर व 6 अक्टूबर को मंडावर से पदयात्रा झालावाड़ पहुंचेगी। जहां किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
हाड़ौती में सबसे ज्यादा किसानों ने की आत्महत्याएं
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद जैन भाया ने कहा कि कर्ज की मार से आत्महत्याएं करने वाले किसानों में हाड़ौती क्षेत्र के सर्वाधिक किसान हैं, लेकिन राज्य सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। ऐसे में कांग्रेस ने किसानों के लिए संघर्ष का बीड़ा उठाते हुए किसान न्याय यात्रा का निर्णय किया है।
सदमे से किसान की मौत
कांग्रेस की न्याय यात्रा से पहले हाड़ौती में एक और किसान की सदमे से मौत हो गई। बूंदी के तालेड़ा थाना क्षेत्र के जमीतपुरा गांव में धान की फसल में रोग देख सदमे में आने से एक किसान की मौत हो गई। 58 वर्षीय किसान नूर मोहम्मद बुगडिय़ा 28 सितम्बर की सुबह खेत पर फसल को संभालने गया था। फसल में रोग दिखाई पड़ा। इससे वह सदमे में आ गया। घर आने पर उसकी तबीयत खराब हो गई। परिजन तालेड़ा अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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22 बीघा जमीन और पूरा परिवार
परिजनों ने बताया कि नूर मोहम्मद के 22 बीघा जमीन है और इसी पर पूरा परिवार निर्भर है। इस वर्ष कर्जा लेकर 10 बीघा में धान की फसल की थी, जो पूरी नष्ट मिली। मेहनत की कमाई को यूं नष्ट होता देख और कर्जे की चिंता के चलते ही नूर सदमे में आया और मौत हो गई।