
Kota: राहुल गांधी के कोटा आगमन के तहत श्रीराम रंगमंच पर चल रही तैयारियां।
कोटा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को चार्टर विमान से कोटा पहुंचेंगे और नीट, पेपर लीक तथा भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्र-युवाओं से संवाद करेंगे। पहले उनका ट्रेन से कोटा आने का कार्यक्रम था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर चार्टर विमान से आने का निर्णय लिया गया। राहुल दोपहर करीब 2.40 बजे कोटा पहुंचेंगे। यहां से एक होटल पहुंचेंगे। शाम 5.30 बजे कार्यक्रम में पहुंचेंगे। रात 9. 30 बजे तक छात्रों से संवाद करेंगे। इसके बाद रात की ट्रेन से ही दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच से राहुल गांधी छात्र-युवाओं की समस्याओं को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करेंगे। म्यूजिक कॉन्सर्ट के बाद वे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े चार प्रमुख मुद्दे उठाएंगे। इनमें नीट परीक्षा का विकेंद्रीकरण, परीक्षा शुल्क समाप्त करना, पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय करना शामिल है।
राहुल गांधी के दौरे से पहले मंगलवार को कोटा की राजनीति गरमा गई। कांग्रेस और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं का शहर में जमावड़ा रहा और दोनों दलों के बीच दिनभर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शाम को कोटा पहुंच गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन राज्य सरकार के दबाव में राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए बैनर-पोस्टर हटवा रहा है। इसे लेकर कुछ स्थानों पर कहासुनी की भी सूचना है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की शुरुआत म्यूजिक कॉन्सर्ट से होगी, जिसमें पॉप सिंगर लश्करी और कर्मा प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम शाम 5.30 बजे से रात 9.30 बजे तक चलेगा। डोटासरा ने कहा कि विपक्षी नेताओं के कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका और ट्रेन के लेट कराने की आशंका को देखते हुए राहुल गांधी के यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करते हुए चार्टर विमान को शामिल किया गया है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत जी, आप डेमोक्रेसी की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन जरा कॉमन सेंस लगाइए। नीट परीक्षा में सिर्फ पांच दिन बचे हैं। कोटा में बच्चे अपना करियर बनाने आते हैं और दिन-रात एक करके पढ़ाई करते हैं। वे आखिरी वक्त में अपनी किताबें छोड़कर राहुल गांधी का राजनीतिक प्रवचन सुनने क्यों जाएंगे? इसमें किसी को धमकाने की जरूरत नहीं है। यह बच्चों का सीधा फैसला है कि उन्हें अपना भविष्य प्यारा है, कांग्रेस का सर्कस नहीं।
उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़ाई को चुन रहे हैं, तो लोकतंत्र खतरे में कैसे आ गया? यह 'भय का माहौल' और 'धमकी' जैसी मनगढ़ंत कहानियां सिर्फ राजस्थान कांग्रेस की डूबती नैया और अपनी नाकामी को छुपाने का एक घटिया प्रयास है। असल डर तो कांग्रेस नेताओं के दिमाग में है कि वे राहुल गांधी के सामने इस 'फ्लॉप शो' की सफाई कैसे देंगे।
Published on:
16 Jun 2026 11:04 pm
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