कोटा

राजपूत समाज ने खोली पोल तो पलटे राजावत: पहले घुट रहा था दम अब किया आखिरी सांस तक भाजपा में रहने का दावा

राजावत का राजपूत नेताओं पर पलटवार: डरता नहीं हूं, बेबाक बोलता हूं इसलिए सभी को कांटे की तरह चुभता हूं
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Updated: 21 May 2018, 10:48 PM IST
MLA Bhawai Singh Rajawat
राजावत का राजपूत नेताओं पर पलटवार: डरता नही, बेबाक बोलता हूं इसलिए सभी को कांटे की तरह चुभता हूं

कोटा . विधायक भवानी सिंह राजावत ने राजपूत समाज के नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा है कि वे जनसंघ के जमाने से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिये हैं, आज भी हैं और कल भी रहेंगे। पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, वे हमेशा बेबाक होकर हर मद्दे पर टिप्पणी करते आए हैं। जनप्रतिनिधि का धर्म निभाते हुए वे अपने ही समाज के लिए ही नहीं दूसरे समाजों के लिए भी आवाज उठाते हैं। मरते दम तक भाजपा से कभी पलायन नहीं करेंगे।

विधायक राजावत ने सोमवार को अपने कार्यालय में समाजबंधुओं को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कई बार परिस्थितियां आती हैं जब समाज को अपमानित होना पड़ता है, ऐसे में राज में बैठे लोगों को चाहिए कि वे समाज के लोगों के घावों पर मरहम लगाएं।

राजपूत समाज भाजपा की मूल पंूजी है, कई समाज भाजपा से पलायन करते रहते हैं लेकिन ये समाज जनसंघ के जमाने से ही स्वतंत्र पार्टी हो या रामराज्य परिषद हमेशा कांग्रेस के खिलाफ रहा है, समाज के कई तथाकथित नेता अपने निहित स्वार्थ के लिए समाज को गुमराह कर रहे हैं। राजपूत समाज परिपक्व है, बुद्धिजीवी है, भाई-भाई में भी वैचारिक मतभेद हो सकते हैं और वे विचारधारा के आधार पर राजनैतिक दल में रहते हैं।

राजमाता विजयाराजे सिंधिया और माधवराव सिंधिया का देश में उदाहरण है इसलिए समाज के नेताओं को चाहिए कि निरर्थक कवायद नहीं करें, राजपूत समाज अपना राजनैतिक भविष्य स्वयं तय करेगा। आज कोटा शहर में शहर के हर विधानसभा क्षेत्र में मिलाकर लगभग 1 लाख से अधिक राजपूत निवास करते हैं जो हर विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्णायक है।

उन्होंने नौजवानों से आव्हान किया कि उनके पूर्वजों ने इस देश का इतिहास रचा है, उनकी रगों में आज भी महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और दुर्गादास राठौड़ का खून दौड़ रहा है, वे किसी समाज का आधिपत्य स्वीकार नहीं करें लेकिन समाज के सभी वर्गों को गले लगाकर आगे बढ़ें। राजपूत समाज दूसरों की रक्षा के लिए पैदा हुआ है, ये भावना समाज के हर व्यक्ति के दिल में रहनी चाहिए। बैठक को पदम सिंह राजावत, पुष्पेन्द्र सिंह जजावर, सोहन सिंह डाहरा, मनोज सिंह हाड़ा, तख्त सिंह तलवार, नवरत्न सिंह राजावत आदि ने भी सम्बोधित किया।

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