
बारां. बारां जिले के आमली खालसा गांव में परवन नदी ( parwan river ) पर नहाते समय एक व्यक्ति पर मगरमच्छ ( crocodile attack on youth ) ने हमला कर दिया। मगरमच्छ ने उसका पैर अपने जबाड़ों के बीच फंसा कर नदी में खींचने लगा। उसने मदद के लिए अवाज लगाई लेकिन उस समय नदी के आसपास कोई नहीं था। लोगों की आवाजाही नहीं होने व मौत सामने देख व्यक्ति पूरी ताकत से मगरमच्छ ( Conflict in crocodile and youth ) से भिड़ गया। फिर एक घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जंग चलती रही। आखिरकार इस जंग में जिंदगी जीत गई।
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दरअसर हुआ यूं आमली खालसा गांव निवासी 55 वर्षीय हीरालाल परवन नदी पर नहाने गया था। वहां नहाते समय अचानक मगरमच्छ ने अचानक उछलकर उस पर हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गया। जान बचाने के लिए भागने लगा तो मगर ने उसका एक पैर पकड़ लिया और पानी में खींचने लगा।
मौत को सामने देख वह घबरा गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा। लेकिन अल सुबह होने के चलते वहां कोई मौजूद नहीं था। इस बीच मगरमच्छ उसे पानी में खींच ले गया। इस दौरान हीरालाल ने खुद को बचाने के लिए पूरी ताकत से मगरमच्छ से भिड गया। वह मगरमच्छ पर लात-घूंसे बरसाता रहा लेकिन उस पर इसका असर नहीं हुआ। जद्दोजहद के बाद उसके हाथ एक पत्थर हाथ लगा और उसने पत्थर लगातार मगर की आंख के पास हमला किया। जैसे ही मगरमच्छ ने मुंह खोला तो उसने अपना पैर बाहर निकाल नदी के तट की और दौड़ लगा दी। गौरतलब है कि वह संघर्ष के दौरान थोड़े पानी में ही था। इससे वह भागने में सफल हुआ। हमले में उसका पैर पर काफी चोट आई।
जख्मी हालत में वह गांव पहुंचा और लोगों को आपबीती बताई। इस पर उसे गांव के ही रामगोपाल नागर व राकेश कुमार ने अटरू चिकित्सालय में भर्ती कराया । उल्लेखनीय है कि कराडिया गुल्जी, अचरावा, कटावर सहित कई गांवों में मगरमच्छ के हमले में कई लोग पूर्व में भी घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले भी मगरमच्छ लोगों पर हमला कर चुका है। इसकी शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी मगरमच्छ को पकडऩे का प्रयास नहीं कर रहे।