
रावतभाटा. हाड़ौती में दलित दूल्हों ( Dalit groom ) को घोड़ी से उतार मारपीट करने व बिंदौरी नहीं निकालने को लेकर धमकाने के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे। दो दिन पहले बूंदी जिले में दलित दूल्हे के साथ मारपीट ( Dalit groom beaten ) करने के बाद रावतभाटा ( rawatbhata ) में भी इस तरह का मामला सामने आया है। यहां भैसरोडगढ़ थाना क्षेत्र के सुठाला गांव में शनिवार को भील समाज के एक दूल्हे को बिन्दौरी निकालने के दौरान 9 जनों ने मौके पर पहुंचकर घोड़ी से उतार दिया और मारपीट कर बिन्दौरी नहीं निकलने की धमकी दी। परिजनों थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने गांव में जाकर पीडि़त परिजनों के बयान लिए।
सुठाला गांव निवासी रतन भील ने शनिवार को भैसरोडगढ़ थानाधिकारी को रिपोर्ट दी और एसपी चित्तौडगढ़ को परिवाद भेजा है। इसमें आरोप लगाया कि 15 मई की शाम को उसके बेटे मांगीलाल की गांव में बिन्दौरी निकाली जा रही थी, उस समय गांव के बबलू जाट, उंकार जाट, राजूलाल जाट पुत्र प्रभु जाट, राजूलाल जाट पुत्र देवीलाल जाट, उदयलाल जाट, सुरेश जाट, राजेन्द्र सिंह, मुकेश जाट व एक अन्य समेत 9 जनों ने आकर जातिगत अपमानित करते हुए दूल्हे को घोड़ी से उतार दिया और बिन्दौरी न निकालने को धमकाया। इसके बाद घोड़ी मालिक और पंच पटेलों ने बिन्दौरी रोकने वाले वालों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। आरोपियों के धमकाने से बिन्दौरी नहीं निकल सकी। मेहमान डर कर घर से चले गए।
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मंदिर में धोक नहीं लगाने दी
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने ब्याह होने के बाद भी दूल्हा-दुल्हन को मंदिर में धोक नहीं लगाने दी और गांव से निकालने को धमकाया।
भैसरोडगढ़ थानाप्रभारी को शनिवार रिपोर्ट मिलने पर मौके पर गए थे, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला है। पुलिस को रिपोर्ट मिली है तो प्रकरण दर्ज कर जांच की जाएगी। आरोप प्रमाणित होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तृप्ति विजयवर्गीय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रावतभाटा