कोटा

जानलेवा हमले के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत

कोटा. महावीर नगर थाना क्षेत्र में शांतिभंग के साधारण से मामले में गिरफ्तार आरोपी की शुक्रवार सुबह पुलिस हिरासत में मौत हो गई। आरोपी की मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
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Aug 23, 2019
Death in custody at mahaveer nagar police station
Death in custody at mahaveer nagar police station

कोटा. महावीर नगर थाना क्षेत्र में शांतिभंग के साधारण से मामले में गिरफ्तार आरोपी की शुक्रवार सुबह पुलिस हिरासत में मौत हो गई। आरोपी की मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मृतक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की न्यायिक जांच शुरू की गई है। एसपी दीपक भार्गव व सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली।

मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने जैसे ही गिरफ्तार आरोपी हनुमान की मौत होने की पुष्टि की। पुलिस में हड़कंप मच गया। थानाधिकारी ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और मृतक के शव को तुरंत एमबीएस पहुंचाया गया। जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव, सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन समेत पुलिस अधिकारी महावीर नगर थाने पहुंच गए। घटना के बाद जब मीडिया वहां पहुंची तो पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच तक कुछ भी कहने से मना कर दिया। इसके बाद मामले की सूचना परिजनों को दी। इस पर मृतक के घर कोहराम मच गया। घटना की जानकारी के बाद परिजन एमबीएस चिकित्सालय पहुंचे। जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस का दावा
हिरासत में मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव का दावा है कि 22 अगस्त को कृष्णा नगर निवासी संजय नागर ने थाने मे अपने भाई राजेश नागर व शिवप्रकाश नागर के साथ पहुंचकर रिपोर्ट दी कि उसके साथ देवेन्द्र, महेन्द्र व हनुमान ने मारपीट की। बीचबचाव करने पर पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। इस पर ड्यूटी ऑफिसर एएसआई ईश्वर सिंह जाप्ते समेत पहुंचे तथा आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बूंदी जिले के बड़ेखेड़ा और हाल मुकाम कृष्णा नगर निवासी हनुमान महावर (40) को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हनुमान ने तबीयत खराब होने की बात कही। इस पर उसे नए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पत्नी नाथाबाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 176 के तहत मामला दर्ज किया। मामले की जांच के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट को सूचना प्रस्तुत की गई। जहां से अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट क्रम संख्या-5 द्वारा न्यायिक जांच शुरू की गई। हिरासत में मौत के बाद पुलिस ने दावा किया कि हनुमान आदतन शराबी था। इसके चलते उसकी पत्नी भी कई वर्षों से उससे अलग रह रही थी। वह मारपीट व शांतिभंग के चार मामलों में पूर्व में भी गिरफ्तार हो चुका था।

Updated on:
24 Aug 2019 12:12 am
Published on:
23 Aug 2019 11:56 pm