कोटा

कर्ज माफी से इन कि‍सानों को नहीं मि‍लेगी राहत, सरकार ने कि‍या ऐलान

प्रदेश में किसानों का आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक का फसली ऋण माफ होगा, लेकिन अभी तक वित्त विभाग ने 2 हजार करोड़ रुपए देने की सहमति दी है।
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Updated: 1 Jun 2018, 11:10 AM IST
Why the farmers are angry at the end of the decision
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कोटा . प्रदेश में किसानों का आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक का फसली ऋण माफ होगा, लेकिन अभी तक वित्त विभाग ने 2 हजार करोड़ रुपए देने की सहमति दी है। शेष राशि का बंदोबस्त करने के लिए राज्य सरकार को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके लिए विभिन्न विकल्पों पर मंथन चल रहा है। पिछले दिनों फसली ऋण माफी योजना-2018 के क्रियान्वयन के लिए गठित राज्य स्तरीय अनुप्रवर्तन समिति की बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में हुई। इसमें सहकारिता विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद थे।



बैठक की प्रोसेडिंग के मुताबिक सहकारिता विभाग व सहकारी बैंकों के अधिकारियों ने कहा कि माफी के कारण ऋण राशि की वसूली पूर्णत: रुक गई है, बैंकों के समक्ष तरलता का संकट है। साथ ही, सहकारी बैंकों को गत वर्ष नाबार्ड से प्राप्त रिफाइनेंस के विरुद्ध वर्ष 2018-19 में 5865 करोड़ रुपए का भी भुगतान करना है। अधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त तरलता बनाए रखने के लिए ऋण माफी के विरुद्ध पांच हजार करोड़ रुपए अंतरिम तौर पर उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था, लेकिन वित्त विभाग ने मात्र दो हजार करोड़ रुपए पर सहमति प्रदान की है। सहकारी बैंकों को इसके अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है।

इन किसानों का नहीं होगा कर्ज माफ
-जिस किसान के परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी व अधिकारी।
- जिस किसान परिवार से विधायक, मंत्री या किसी आयोग के अध्यक्ष व सदस्य हैं।
- जो किसान आयकर देते हैं।
(सहकारिता रजिस्ट्रार ने परिपत्र जारी कर दिया है)

समिति ने सुझाए
तीन विकल्प
1. आंध्रप्रदेश पैटर्न पर किसानों के नाम से तीन वर्ष के लिए समान राशि के बॉन्ड जारी करना।
2. नाबार्ड को भुगतान की जाने वाली राशि का पुन:सूचीकरण करने का आग्रह करना।
3. खुले बाजार से राज्य सरकार की प्रत्याभूति पर विभिन्न बैंकों अथवा वित्तीय संस्थानों से कर्ज प्रस्ताव प्राप्त करना। इस ऋण का ब्याज एवं किस्त के भुगतान के लिए राशि राज्य सरकार उपलब्ध कराए।

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