कोटा

BIG News: कांग्रेस-भाजपा की राजनीति से यूं खतरे में पड़ी राजस्थान के 12 लाख लोगों की जिंदगी…

सरकारें बदलती है तो कैसे लोगों की जिंदगी प्रभावित हो जाती है, इसका प्रत्यक्ष उदारहण इन दिनों राजस्थान के कोटा जिले में देखने को मिल रहा है।
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Jun 22, 2019
Development work Stop in kota
कांग्रेस-भाजपा की राजनीति से यूं खतरे में पड़ी राजस्थान के 12 लाख लोगों की जिंदगी...

कोटा. नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल शनिवार को कोटा आएंगे और नगर विकास न्यास के अधिकारियों की बैठक लेकर शहर के विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे। विकास कार्यों की जमीनी हकीकत भी जानेंगे, लेकिन शहर के विकास कार्यों की स्थिति यह है कि भाजपा शासन में शुरू हुए विकास कार्यों को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया है।

मंत्री के कोटा आने से पहले पत्रिका टीम ने शहर के विकास कार्यों की स्थिति देखी तो हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई। छह माह से विकास कार्य ठप पड़े हैं और एक पत्थर भी नहीं लगा है। इसका दंश कोटा के 12 लाख लोगों को हर दिन भुगतना पड़ता है। दोनों ही राजनीति दलों की राजनीति में नए कोटा का प्लाइओवर का काम बंद हो गया। हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है। कर विकास कार्य स्थिति यह है कि अधूरी सड़कों पर लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश होना पड़ रहा है। अधूरे कार्य से व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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शहर के विकास की पुरानी योजनाओं में जल्द बदलाव देखने को मिलेगा। दादाबाड़ी से केशवपुरा की ओर बनने वाले फ्लाईओवर की डिजाइन में भी बदलाव की संभावना तलाशी जा रही है। इस फ्लाईओवर की लम्बाई बढ़ाने के साथ इसके दोनों तरफ की सर्विसलेन को चौड़ा करने की संभावना तलाशने के लिए स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल अधिकारियों के साथ शनिवार को निरीक्षण करेंगे।

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न्यास अधिकारियों ने दादाबाड़ी फ्लाईओवर का तकनीकी रूप से अध्ययन किया है। व्यापारियों ने भी न्यास को अवगत कराया है कि मौजूदा डिजाइन से इसका निर्माण कार्य जारी रखा जाता है तो राह आसान होने के बजाए दुविधा बनेगी। व्यापारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा। आस-पास के व्यापारियों से बातचीत की गई है। अभी केवल पांच से सात फीट सर्विसलेन का प्रावधान रखा गया है, जो सही नहीं है। वहीं शहर में मल्टीस्टोरी पार्किंग की कार्य योजना बनाने पर भी काम चल रहा है।

शहरवासियों को सुगम यातायात सुविधा देने और आवारा मवेशियों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे। धारीवाल ने मंत्री पद संभालने के बाद कोटा की जनता से तीन माह का समय मांगा था और कहा कि तीन माह बाद कोटा के विकास के लिए कौन-कौन से काम करेंगे, इसकी योजना तैयार करेंगे। इसके बाद यूआईटी के अधिकारियों की टीम विकास की कार्य योजना बनाने में लगी हुई है। प्रगति पर चल रहे कार्यों में क्या बदलाव किया जा सकता है, ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सके। इसका अध्ययन किया जा रहा है। हाड़ौती विकास मोर्चा के अध्यक्ष राजेन्द्र सांखला ने बताया कि धारीवाल दिल्ली से सुबह 7 बजे कोटा पहुंचेंगे। यहां उनका स्वागत किया जाएगा।

साजीदेहड़ा : नाले में बह गया बजट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में साजीदेहड़ा नाले को स्मार्ट बनाना था, लेकिन इसका भी काम अधूरा पडा है। केवल मिट्टी डालकर हरियाली विकसित करने के लिए पौधे लगाए गए हैं। इस नाले की कुल लम्बाई 5.20 किलोमीटर है। प्रथम चरण में हेमू कालानी भवन से किशोरपुरा पुलिया तक 1.40 किमी लम्बाई में नाले को विकसित जाना था। चैनल के दोनों तरफ वॉक-वे एवं प्लान्टर बनाए जाने थे। प्रथम चरण में 17.38 करोड़ का बजट रखा गया है, लेकिन नगर विकास न्यास की अनदेखी के कारण यहां लगाए गए पौधे सूख गए हैं और फिर नाले जैसी स्थिति बन गई है। मंत्री के दौरे के मद्देनजर पौधे लगाने के लिए गढ्डे खोदे जा रहे हैं।

Published on:
22 Jun 2019 11:07 am