महिला के सिर से निकाली 250 ग्राम की गांठ, अगर कुछ देर और रह जाती तो…

एमबीएस अस्पताल कोटा में एक 70 वर्षीय महिला के सिर में से 250 ग्राम की गांठ निकाली। डॉक्टरों के अनुसार अगर यह गांठ कुछ और समय तक दिमाग में विकसित होती तो इसके दबाव से महिला को मिर्गी के दौरे और लकवा हो सकता था। इसके साथ कोमा में जाने और मृत्यु की भी संभावना थी।

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Jul 04, 2017
Doctor Remove 250 grams of lump from the woman's head in MBS Hospital Kota

एमबीएस अस्पताल में एक 70 वर्षीय महिला के सिर में से 250 ग्राम की गांठ निकाली। अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. एसएन गौतम ने छह घंटे चली सर्जरी के बाद मस्तिष्क में से ठोस गांठ को निकाला।

डॉक्टरों के अनुसार अगर यह गांठ कुछ और समय तक दिमाग में विकसित होती तो इसके दबाव से महिला को मिर्गी के दौरे और लकवा हो सकता था। इसके साथ कोमा में जाने और मृत्यु की भी संभावना थी।

डॉ. गौतम का कहना है कि उन्होंने इतनी बड़ी साइज की गांठ की सर्जरी पहली बार की है। गांठ का वजन 250 ग्राम और आकार 10 गुना 10 सेंटीमीटर का था। जिसे दूरबीन से सर्जरी में टूकड़े-टूकड़े कर निकाला। इस दौरान महिला को तीन यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। सर्जरी में एनेस्थिसिया विभाग की डॉ. उषा दरिया और डॉ. अनुभव ने सहयोग किया। मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। उसे आईसीयू से पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में शिफ्ट किया गया है। साथ ही गांठ की बायप्सी जांच के लिए पैथोलॉजी विभाग में भेजा है।


असामान्य व्यवहार और चलने में दिक्कत हो रही थी

डॉ. गौतम ने बताया कि यह महिला कुछ माह से सिर में दर्द, उल्टी, चलने फिरने में परेशानी, असामान्य व्यवहार और पेशाब पर नियंत्रण खत्म होने की शिकायत लेकर आई थी। महिला की जांच कराने पर उसके दिमाग के अगले हिस्से के बीचों बीच एक गांठ होने का पता चला। वे रिपोर्ट में इतनी बड़े ट्यूमर को देख चौक गए। सर्जरी में भी महिला की उम्र ज्यादा होने और गांठ बड़ी होने से खतरा था। उसके परिजनों को गांठ की प्रकृति और उससे जुड़े खतरों के बारे में बताया और वे सर्जरी के लिए तैयार हुए।


लगातार बढ़ रहे हैं ट्यूमर के मामले

डॉ. गौतम ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के मरीजों में ऑपरेशन को लेकर जागरुकता आई है। न्यूरो सर्जरी विभाग में पिछले 4 सालों में ब्रेन ट्यूमर सर्जरी का अनुपात लगातार बढ़ रहा हैं। पहले हर माह करीब चार या पांच ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी होती थी। जो अब बढ़कर के 15 से 20 हो गई हैं। पिछले माह जून में 24 सर्जरी हुई है। इनमें जयपुर एसएमएस में दिखाने के बाद सर्जरी की लम्बी वेटिंग से लौटे मरीज भी शामिल है।

Published on:
04 Jul 2017 09:23 pm
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