
गाजियाबाद में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़..
Police Encounter Two Criminals Killed: गाजियाबाद में 27 लाख रुपए की कैश वैन लूट मामले में मंगलवार रात पुलिस एनकाउंटर हुआ। वेव सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 1-1 लाख के इनामी बदमाश समीर और जुबैर मारे गए। दोनों पर पुलिस ने एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में एक सब इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों को ढेर कर दिया। मौके से लूट की रकम, हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी बरामद हुई है।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि कैश वैन लूट में शामिल बदमाश वेव सिटी इलाके में किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही वेव सिटी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार दिखाई दी। पुलिस ने कार रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
बदमाशों की फायरिंग में एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की। दोनों तरफ से करीब 20 मिनट तक लगातार गोलियां चलीं। मुठभेड़ के दौरान बदमाश कार छोड़कर जंगल की तरफ भागने लगे, लेकिन पुलिस की जवाबी फायरिंग में समीर और जुबैर ढेर हो गए। हालांकि उनके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की हैं।
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि बदमाशों के पास से लूटे गए 9 लाख 10 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दो पिस्टल, दो तमंचे और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। मारे गए दोनों बदमाश गाजियाबाद के विजयनगर इलाके के रहने वाले थे। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
यह पूरा मामला 6 मई का है, जब क्रासिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में इंडिया वन कंपनी की कैश वैन से 27 लाख रुपए लूट लिए गए थे। दोपहर करीब एक बजे कंपनी के कर्मचारी एचपी पेट्रोल पंप के पास स्थित एटीएम में कैश डालने पहुंचे थे। गार्ड और दो कर्मचारी रुपए लेकर एटीएम के अंदर गए, जबकि ड्राइवर तेजभान वैन में बैठा था। तभी छह बदमाशों ने वैन पर धावा बोल दिया।
बदमाशों ने तमंचे के बल पर ड्राइवर को बंधक बना लिया। विरोध करने पर ड्राइवर के साथ मारपीट की गई और हवा में फायरिंग कर उसे डराया गया। इसके बाद बदमाश कैश वैन लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। करीब दो घंटे बाद मसूरी थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे किनारे कैश वैन बरामद कर ली गई, लेकिन उसमें रखे 27 लाख रुपए गायब थे।
लूट के बाद बदमाशों ने अपने खिलाफ सबूत खत्म करने की पूरी कोशिश की। कैश वैन में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को कुल्हाड़ी से तोड़ दिया गया था ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। हालांकि पुलिस ने आसपास के दूसरे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी जांच के जरिए बदमाशों की पहचान कर ली।
घटना के बाद शुरुआती जांच में पुलिस को कैश वैन के ड्राइवर और कर्मचारियों पर शक हुआ था। कर्मचारियों के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे थे, जिसके बाद ड्राइवर और एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस को यह भी संदेह था कि घटना में अंदरूनी मिलीभगत हो सकती है। हालांकि बाद में सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों से साफ हो गया कि वारदात पेशेवर बदमाशों ने की थी।
जांच में सामने आया कि बदमाशों ने कई दिनों तक कैश वैन की गतिविधियों की रेकी की थी। उन्हें पहले से पता था कि किस समय वैन एटीएम में पैसा डालने पहुंचती है। पुलिस का मानना है कि बदमाश वारदात के वक्त पैदल ही इलाके में घूम रहे थे और मौका मिलते ही हमला कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लूट का मास्टरमाइंड जुबैर विजयनगर इलाके में बांस-बल्ली की दुकान चलाता था। उसका भाई शोएब कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। दोनों भाइयों ने अपने पड़ोसी फिरोज को भी इस लूट में शामिल किया था। फिरोज दुकानों में कॉस्मेटिक सामान सप्लाई करता है। वहीं गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद कैफ का भाई समीर कोई काम नहीं करता था।
इस मामले में पुलिस पहले ही मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर चुकी है। 10 मई को हुई गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से 8 लाख 6 हजार रुपए बरामद किए थे। इनमें कैफ पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस अब फरार शोएब और फिरोज की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने समीर और जुबैर पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दोनों लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस को आशंका थी कि ये बदमाश आगे भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
इस एनकाउंटर के बाद गाजियाबाद पुलिस ने पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Published on:
13 May 2026 12:31 am
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