डबल मर्डर करने वाले चंद्रकात पाठक मैथ्स, केमिस्ट्री, कम्प्यूटर साइंस में एमएससी के अलावा वर्ष 2000 में प्रेसीडेंट मेडल और एनसीसी सर्टिफिकेट होल्डर है।
कोटा . भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र चोपड़ा फार्म में दो दिन पहले मां-बेटे की गोली मारकर हत्या करने वाला हत्यारा चंद्रकांत पाठक उर्फ दिलीप की एकेडमिक क्वालिफिकेशन जानकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई। आरोपित मैथ्स, केमिस्ट्री, कम्प्यूटर साइंस में एमएससी, पीजीडीसीए, मास्टर्स इन फाइनल आट्र्स, बेस्ट शूटर इन 2001, वर्ष 2000 में प्रेसीडेंट मेडल और एनसीसी सर्टिफिकेट होल्डर है।
क्वालिफिकेशन जान पुलिस के मन में एक ही सवाल, आखिर इतना पढ़ा-लिखा युवक हत्यारा कैसे बन गया। पूछताछ में इसी सवाल के जवाब मे उसने कहा, मोहब्बत ने कातिल बना दिया। पुलिस महकमे में दिनभर यही चर्चा रही की पढ़ालिखा व्यक्ति समझदार होता है, फिर यह कैसे हत्यारा बन गया।
डबल मर्डर के आरोपित को कोटा पुलिस ने मंगलवार को श्योपुर पुलिस की सहायता से गिरफ्तार कर लिया। शहर पुलिस अधीक्षक अंशुमान भौमिया ने बताया कि चौपड़ा फार्म गली नम्बर दो निवासी नीरज पाराशर की पत्नी सोहनी (35) व बेटे पीयूष (12) की 21 जनवरी को देर शाम घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतका के पति ने मुरैना निवासी चंद्रकांत पाठक पर हत्या का शक जाहिर किया था। आरोपित की तलाश के लिए पुलिसकर्मियों की टीमें गठित की। श्योपुर पुलिस की सहायता से आरोपित मुरैना के दतपुरा निवासी चंद्रकांत पाठक उर्फ दिलीप (28) को गिरफ्तार किया गया। जिसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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साथ रहे, फिर छोड़ दिया
एसपी ने बताया कि प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि मृतका व आरोपित की 17 साल से पहचान थी। दोनों कुछ समय साथ रहे, फिर सोहनी कुछ दिन पहले ही कोटा लौट आई। आरोपित का कहना है कि कुछ समय पहले उसने जमीन बेची थी। जिसकी रकम व कुछ जेवरात सोहनी साथ लेकर आ गई थी। वहीं लेने वह यहां आया था। बातचीत के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में उसने गोली चला दी। चश्मदीद गवाह होने से बेटे को भी गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपित पहले दिल्ली चला गया और वहां से श्योपुर आया था। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपित एक दिन पहले कोटा आकर एक होटल में ठहरा था।