
Kota Ex-Councilor Renu Narwala Death: कोटा के दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह नगर निगम के डंपर की चपेट में आने से कांग्रेस की पूर्व पार्षद रेणु नरवाला की मौत हो गई। हादसे में पति धनराज नरवाला भी घायल हो गए। दोनों स्कूटर से खड़े गणेश मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने डंपर चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने डंपर जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है।
हादसा जवाहर नगर इलाके में सुबह करीब 9.10 बजे हुआ। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से रेणु नरवाला के शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। घायल धनराज नरवाला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके हाथ में फ्रैक्चर और मुंह पर चोट आई है।
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि सड़क किनारे एक ई-रिक्शा खड़ा था। इसी दौरान उसके पास से एक महिला राहगीर गुजर रही थी। स्कूटर सवार दंपती महिला को बचाने के प्रयास में आगे निकलने लगे। इसी दौरान स्कूटर की महिला से टक्कर हो गई और स्कूटर अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। पीछे बैठी रेणु नरवाला सड़क पर जा गिरीं और पास से गुजर रहा नगर निगम का डंपर कुचलता हुआ निकल गया। रेणु की मौके पर ही मौत हो गई।
नयापुरा इस्माइल चौक निवासी रेणु नरवाला वर्ष 2020 में कोटा नगर निगम उत्तर के चुनाव में वार्ड 67 से कांग्रेस से पार्षद निर्वाचित हुई थीं। अभी वह वार्ड 41 से दावेदारी जता रही थी। उनके ससुर शंकर नरवाला कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद हैं। वह कांग्रेस में जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
शंकर नरवाला ने आरोप लगाया कि नगर निगम के डंपर चालक की लापरवाही के कारण हादसा हुआ। उन्होंने डंपर का इंश्योरेंस खत्म होने का भी आरोप लगाया और कहा कि इसके बावजूद डंपर सड़क पर चलाया जा रहा था।
हादसे की सूचना मिलने के बाद एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी पर परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए। लोगों ने अपनी मांगों को लेकर शव लेने और पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। सूचना पर लाडपुरा तहसीलदार सहित नयापुरा और दादाबाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों और समाज के लोगों से समझाइश की।
मुआवजे को लेकर प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच सहमति बनी। इसके बाद नगर निगम के ठेकेदार की ओर से परिवार को 20 लाख रुपए का चेक दिया गया। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुए। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।