
रावतभाटा. जो दे उसका भी भला और न दे उसका भी भला। यह कहावत शायद अजमेर विद्युत वितरण निगम ( Ajmer Electricity Distribution ) के उपखंड मुख्यालय स्थित एईएन कार्यालय पर पूरी तरह से खरी उतरती है। सरकारी विभागों व आमजन पर विद्युत निगमके 8 करोड़ 36 लाख रुपए बकाया चल रहे हैं। इनमें से कई उपभोक्ता तो ऐसे हैं, जिन पर उक्त राशि 10 से 15 साल से बकाया है। निगम की ओर से कुछ कनेक्शन काटकर इतिश्री कर दी गई लेकिन कुर्की जैसी कानून सम्मत व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद विभाग से वसूली नहीं हो पा रही है।
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निगम के अधिकारियों का कहना है कि उपखंड में करीब 30 हजार उपभोक्ता हैं। कई उपभोक्ता बिल राशि जमा नहीं कराते। उनके कनेक्शन काटने का नियम है। फिर भी जमा नहीं करने पर कुर्की की कार्रवाई की जाती है। निगम के कई ऐसे उपभोक्तओं पर 8 करोड़ 36 लाख रुपए बकाया हैं। कई पर तो राशि 10 से 15 साल से राशि बकाया है। निगम ने 6 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे भी लेकिन इनसे करीब 5 करोड़ रुपए की राशि वसूली नहीं जा सकी है।
पलायन कर गए
निगम के अधिकारियों का कहना है कि कई उपभोक्ताओं ने बिजली तो उपयोग कर ली लेकिन बाद में पलायन कर चले गए। कई सम्पत्ति बेच गए। अब उनका पता नहीं चल रहा। ऐसे में कनेक्शन काटने के बाद भी रािश वसूल नहीं हो पा रही है।
अभी इनकी बिजली काटना बाकी
निगम अधिकारियों का कहना है कि कई घरेलू, दुकानों व उद्योग धन्धों पर 3 करोड़ 36 लाख रुपए बकाया है। यह राशि छह माह से साल भर तक की बकाया है। यदि ये भी लम्बे समय तक राशि जमा नहीं कराएंगे तो कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
सरकारी विभागों पर भी बकाया
सरकारी विभागों पर भी बिजली उपभोग की राशि बकाया है। इनमें 7 लाख 97 हजार बीएसएनएल, 6 लाख 68 हजार सिंचाई विभाग, 2 लाख 36 हजार पुलिस थानों, 16 लाख 90 हजार ग्राम पंचायतों व 5 लाख 60 हजार रुपए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर बकाया चल रहे हैं। इन विभागों को राशि जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। जब भी कार्रवाई का प्रयास किया जाता है तो उच्चाधिकारियों का फोन आ जाता है। ऐसे में कार्रवाई बीच में स्थगित करनी पड़ती है।
कुर्की पर ध्यान नहीं
बिजली का बिल हो या फिर अन्य कोई सरकारी राशि बकाया, वसूली संबंधित व्यक्ति पर कुर्की की कार्रवाई कर की जाती है। हालांकि निगम की ओर से कुर्की की कार्रवाईके पूर्व में नोटिस तो जारी किए गए हैं लेकिन कार्रवाई एक के खिलाफ भी नहीं की गई। निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी है। इस कारण से बकाया राशि वसूलने का समय ही नहीं मिलता है, क्योंकि कर्मचारी रोजमर्रा के काम मेंं व्यस्त रहते हैं।
कई उपभोक्ताओं पर निगम की राशि बकाया चल रही है। उक्त राशि को वसूलने का प्रयास किया जा रहा है। कई उपभोक्ता पलायन करके चले गए हैं। ऐसे में उनके कनेक्शन तो काट दिए हैं।
बीएल मेघवाल, सहायक अभियंता, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, रावतभाटा