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कोटा संभाग के 2500 गांवों की ओर दौड़ा बिजली महकमा, अफसरों से लेकर कर्मचारियों ने डाला डेरा, गांव में कटेगी रात-दिन

लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद सरकार ने आम आदमी से जुड़े महकमों को उनकी तकलीफ पता करने के लिए घर-घर दौड़ाया जा रहा है।
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Jun 18, 2019
Electricity news
कोटा संभाग के 2500 गांवों की ओर दौड़ा बिजली महकमा, अफसरों से लेकर कर्मचारियों ने डाला डेरा, गांव में कटेगी रात-दिन

कोटा. छह महीने की सुस्ती के बाद आखिरकार सूबे की सरकार ( Rajasthan Government ) एक्शन मोड में आ गई। लोकसभा चुनावों ( Lok Sabha Elections 2019 ) में मिली करारी हार के बाद सरकार ने नगर निगम और जिला परिषद के चुनावों से पहले आम आदमी से जुड़े महकमों को उनकी तकलीफ पता करने के लिए घर-घर दौड़ाया जा रहा है। इसकी शुरुआत बिजली महकमे से हुई है। जयपुर विद्युत वितरण निगम (जेवीवीएनएल) ( Jaipur Electricity Distribution Corporation ) के सारे अफसरों को मंगलवार से अगले तीन दिनों तक गांवों में रहने की हिदायत दी है, ताकि जनता का फीडबैक लिया जा सके।

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राजस्थान राज्य विद्युत वितरण निगम (आरयूवीवीएनएल) के चेयरमैन ने प्रदेश के सभी विद्युत वितरण निगमों के अफसरों की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक ली। चेयरमैन ने आला अफसरों को ग्रामीण इलाकों में रह रहे बिजली उपभोक्ताओं की हर एक परेशानी पता करने के आदेश दिए। इसके बाद सहायक अभियंताओं से लेकर मुख्य संभागीय अभियंता तक उपभोक्ताओं की समस्याओं का बहीखाता तैयार करने के लिए गांवों की ओर दौड़ पड़े हैं। बिजली विभाग के सभी अधिकारी मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को एक-एक गांव में जाएंगे और वहां चौपाल लगाकर एक-एक आदमी की समस्या कागजों में दर्ज कर उसका निस्तारण करने के लिए सरकार को भेजेंगे।

हर एक शिकायत होगी दर्ज
गांव पहुंचने के बाद बिजली विभाग के यह अधिकारी बिजली आपूर्ति का फीडबैक लेंगे। बिजली आने का समय तय है या नहीं, तय समय पर विद्युत आपूर्ति हो रही है या नहीं, बिजली के तार तो नहीं झूल रहे, ट्रांसफार्मर ठीक से काम कर रहा है, वॉल्टेज की समस्या तो नहीं है आदि जानकारियां जुटाने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के व्यवहार का भी फीडबैक लिया जाएगा। इसके साथ ही यदि किसी ग्रामीण ने कोई शिकायत की है तो उसका निस्तारण हुआ या नहीं और यदि हुआ भी है तो कितना वक्त लगा आदि जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।

सरकार के कामकाज का फीडबैक
सूत्रों के मुताबिक गांव-गांव घूमने वाले बिजली विभाग के यह अफसर सरकार के कामकाज का फीडबैक भी लेंगे। लोगों को सरकार से क्या उम्मीदें थी और उनमें से कितनी पूरी हुई और कौन-कौन सी आस अभी अधूरी है, इसका भी लेखा-जोखा तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही दूसरे विभागों से जुड़ी समस्याएं भी पता की जाएंगी,ताकि उनकी जानकारी भी सरकार तक पहुंचाई जा सके और उनका समय से निस्तारण हो सके।

युद्ध स्तर पर हुई तैयारी
वीडियो कॉन्फ्रेंस खत्म होते ही पूरा महकमा सरकार के इस टॉस्क को पूरा करने में जुट गया। जेवीवीएनएल के आला अफसरों ने कोटा संभाग के करीब ढाई हजार गांवों की सूची निकाल गांव जाने वाले अधिकारियों की ड्यूटी भी लगा दी। सभी अधिकारियों को तय समय पर टास्क पूरा करने के खास निर्देश दिए गए हैं, ताकि फीडबैक लेने में किसी तरह की कोई कोताही न हो।

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डिस्कॉम चेयरमैन ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक लेकर सभी अधिकारियों को तीन दिन के अंदर हर एक गांव जाकर वहां के लोगों की समस्याएं पता करने के निर्देश दिए हैं। बिजली से जुड़ी सभी समस्याओं, शिकायतों और सुविधाओं का फीडबैक लिया जाएगा। जिसे हाथों हाथ कम्पाइल कर सरकार को भेजा जाएगा। मैं खुद भी गांव जाकर लोगों की समस्याएं पता करूंगा।

क्षेमराज मीणा, मुख्य संभागीय अभियंता, जेवीवीएनएल

Published on:
18 Jun 2019 12:51 pm