
कोटा. शहर की सड़कों, फुटपाथ व खाली जगहों पर अतिक्रमणों की भरमार है, लेकिन अब चम्बल नदी तक को अतिक्रमियों ने नहीं छोड़ा। नदी में अतिक्रमण कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं। शिकायत के बाद भी निगम किशोरपुरा क्षेत्र में अपने भूखण्डों को अतिक्रमण से नहीं बचा पा रहा है। निगम के खाली पड़े करोड़ों के भूखण्डों पर निर्माण कार्य चालू है।
किशोरपुरा क्षेत्र में एलीवेटेड रोड की तरफ चम्बल नदी में इन दिनों अतिक्रमण की होड़ मची हुई है। अतिक्रमियों ने नदी किनारे अतिक्रमण कर चारदीवारी बनवा दी तो किसी ने मलबा डलवाकर फेंसिंग करवा दी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार नगर निगम में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जबकि किशोरपुरा में एलीवेटेड रोड की तरफ नदी किनारे लगा हिस्सा डूब क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद लोग धीरे-धीरे अतिक्रमण कर मकान खड़े करते जा रहे हैं। विरोध करने व शिकायत करने पर भूमाफिया जान से मारने तक की धमकी देते हैं। अतिक्रमियों के डर के चलते लोग खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे।
निगम के भूखण्ड भी अतिक्रमण की चपेट में
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निगम के शहर में करीब 54 भूखण्ड खाली पड़े हैं। निगम न तो इनकी नीलामी कर पा रहा, न अतिक्रमण रोक पा रहा। टिपटा में गढ़ पैलेस के पास बड़े देवताजी की हवेली के पीछे झरने के बालाजी के पास निगम के तीन खाली भूखण्ड हैं। इन पर अतिक्रमण होने लगा है। राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने बताया कि भूखण्डों की
देखरेख करने के बारे में आयुक्त को अवगत कराया जा चुका है। किशोरपुरा क्षेत्र में चम्बल में अतिक्रमण होने की कोई शिकायत नहीं मिली है, यदि ऐसा है तो कल ही अधिकारियों को इसे दिखवाकर हटाया जाएगा। निगम के भूखण्डों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य चल रहा है तो उन्हें भी हटाया जाएगा।
महेश विजय, महापौर, नगर निगम