कोटा जंक्शन पर आने वाले समय में ट्रेनों का मूवमेंट त्वरित गति से हो सकेगा। वहीं प्लेटफार्म संख्या तीन पर भी 24 कोच की ट्रेनें ठहर सकेंगी।
कोटा .
कोटा जंक्शन पर आने वाले समय में ट्रेनों का मूवमेंट त्वरित गति से हो सकेगा। वहीं प्लेटफार्म संख्या तीन पर भी 24 कोच की ट्रेनें ठहर सकेंगी। यहां रूट रिले इंटलॉकिंग (आरआरआई) का कार्य नए वित्तीय वर्ष में पूरा हो जाएगा। पिछले तीन सालों से इस कार्य को करने के प्रयास चल रहे हैं। अब आगामी अप्रेल माह में रूट रिले इंटरलॉकिंग कमीशन होने की उम्मीद है। रेल प्रशासन की ओर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं। इस कार्य पर 30 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च होगी। यह कार्य पूरा करने के लिए कुछ दिनों तक ट्रेनों का परिचालन वाया कोटा होकर करने में दिक्कत होगी, लेकिन कार्य पूरा होने पर सुविधाजनक परिचालन हो सकेगा।
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अभी प्लेफार्म नम्बर चार से केवल बारां की ओर जाने वाली ट्रेनों का ही परिचालन किया जा सकता है। इस प्लेटफार्म से मुंबई की ओर से ट्रेनों का परिचालन नहीं किया जा सकता। आरआरआई का कार्य होने के बाद किसी भी प्लेफार्म से किसी भी रूट पर ट्रेनों का परिचालन संभव: होगा। वहीं सभी प्लेटफार्मो पर अधिकतम 24 कोच की ट्रेनों का परिचालन संभव होगा। वहीं ट्रेनों को अकारण आउटर पर रोकने की समस्या से निजात मिलेगी।
ट्रेनों की रवानगी का काम होगा अपग्रेड
रूट रिले इंटरलॉकिंग ऐसा केबिन होता है जहां से तय होता है कि कौन सी ट्रेन किस प्लेटफार्म पर जाएगी। किसे पहले रवाना किया जाएगा, किसे कहां पर कितनी देर तक खड़ा किया जाएगा। आसान तरीके से समझें तो ट्रेनों को इधर से उधर भेजने को काम अपग्रेड हो जाएगा। इसका सीधा फायदा ट्रेनों के सुगम और सुरक्षित परिचालन में होगा।
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कोटा मंडल डीआरएम यू.सी. जोशी का कहना है कि कोटा जंक्शन पर रूट रिले इंटरलॉकिंग के आगामी अप्रेल माह में कमीशन करने का प्रयास किया जा रहा है। उस समय ट्रेनों का परिचालन करने में कठिनाई होगी। कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करके भी चलाया जा सकता है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। यह कार्य कोटा के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।