
कोटा .सपनों के शहर कोटा में यूं तो हर साल हजारो विद्यार्थियों को अपना मनचाहा मुकाम हासिल होता है।
...लेकिन पिछले कुछ सालों में मानो इस शहर को किसी की नजर सी लग गई है। तनाव और बढ़ती आकांशाओ के बोझ के चलते कई मासूमों ने कच्ची उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
कोटा में आने वाले विद्यार्थी तनाव मुक्त रहकर खुशमिजाज माहौल में पढ़ाई कर सके, इसके लिए सरकार, कोचिंग संस्थाएं और एनजीओ सभी मिलकर प्रयासरत है। लेकिन लाखों विद्यार्थियों की इस भीड़ में से कई चेहरे ऐसे भी है जो सोशल मीडिया के जरिए इस काम ? को लगातार कर रहे है। इन्हीं में से एक है बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी अंशु महाराज। दरअसल अंशु पिछले एक साल से एक फेसबुक पेज (इट्स हैप्पन ऑनली इन कोटा) का संचालन कर रहे हैं। इस पेज पर मोटिवशनल पोस्ट के जरिए कोचिंग छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाया जाता है । साथ ही मॉनिटरिंग की जाती है कि कोई भी विद्यार्थी अपने लक्ष्य से न भटके और न ही उनमें किसी तरह के नकारात्मक भाव आ पाए।
और कारवां बढ़ता गया...
अंशु की इस मुहिम के साथ कोटा के हजारो कोचिंग विद्यार्थी भी जुड़े हुए है। साथ ही पेज को ओपरेट करने वाली टीम का दायरा भी अब बढ़ गया है। फिलहाल इस पेज से कोचिंग विद्यार्थियों, अध्यापकों, कोटा वासियों सहित लगभग 75000 से अधिक लोग जुड़े हुए है । अंशु के साथ सागर (उत्तरप्रदेश) , अदिति(उड़ीसा) , मानसी(मध्य प्रदेश), हीना(राजस्थान) ,प्रज्वल (राजस्थान) इस पेज से विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने के लिए कार्य करते है ।
एंटी सुसाइड कैंपेन चलाया..
कोचिंग विद्यार्थियों के बढ़ते सुसाइड रेट के खिलाफ अंशु और उनकी टीम ने एंटी सुसाइड कैंपेन चला रखा है , इसके माध्यम से डिप्रेस्ड विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जाती है वहीं विशेषज्ञों से राय लेकर पूरी टीम समस्या का समाधान करने में जुट जाती है ।
हर विद्यार्थी में छिपा है एक 'कलाकार '
पेज के जरिए विद्यार्थियों में छिपे कलाकार को बाहर निकालने के लिए कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। टीम का मानना है की हर विद्यार्थी तक पहुंच पाना संभव नही हो पाता लेकिन इस तरह के इवेंट्स के जरिए हम न केवल इनके छिपे हुए हूनर का पता लगाते है बल्कि अपनी प्रतिभा को सहेजने में मदद भी करते है। टीम इस पहल को कोचिंग संस्थाओं में कार्यरत कई अध्यापकों ने सराहा है।
पर्यावरण के प्रति भी है सजग
सोशल मीडिया के जरिए आप प्रमोशन के अलावा किस तरह अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभा सकते है , यह पेज इसका भी एक बेहतर उदाहरण है। हाल में टीम अंशु ने पर्यावरण बचाओ थीम पर आधारित कोटा लेर्टन फेस्ट का भी आयोजन किया था जिसमें शहर के तकरीबन 2000 से ज्यादा विद्यार्थियों और नागरिकों ने भाग लिया था।
"परिवार की तरह है यह पेज"
राहुल सिंह, एक विद्यार्थी का कहना है "यह पेज हमारे लिए एक परिवार की तरह है, यहां पर हम वो बातें भी शेयर कर लेते है जिन्हें घर पर या अध्यापकों को भी बताने में संकोच होता है, और निश्चित रूप से हमें यहां हमारी समस्या का समाधान मिल जाता है। फन, मोटिवेशन के साथ पेज पर प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी साझा की जाती है।