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बड़ी खबर: कोटा में किसी भी वक्त हो सकते हैं जोरदार धमाके…

कोटा शहर में करीब 150 से अधिक कोचिंग हॉस्टल हैं। इनमें मैस भी चलती है। यहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर एक साथ रखे हुए हैं। इससे हर पल हादसे की आशंका रहती है।
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May 25, 2019
Fire incident in coaching institute
बड़ी खबर: कोटा में किसी भी वक्त हो सकते हैं जोरदार धमाके...

सरकार के आदेश के बाद भी मल्टीस्टोरी इमारतों की नहीं हुई फायर ऑडिट
कोटा. शहर के हॉस्टल, मैस और मल्टीस्टोरी भवन आग से बचाव की दृष्टि से सुरक्षित नहीं हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन नहीं चेता तो कभी भी अग्निजनित बड़ा हादसा हो सकता है। न तो आग से बचाव के संसाधन हैं और न आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते हैं। नगर निगम ने पिछले दिनों करीब 70 मल्टीस्टोरी इमारतों की फायर ऑडिट की थी, इसमें 90 फीसदी इमारतों में फायर उपकरण चालू नहीं मिले। शहर में करीब 150 से अधिक कोचिंग हॉस्टल हैं। इनमें से अधितर में मैस भी चलती है। यहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर एक साथ रखे हुए हैं। साथ ही बिजली के मीटर भी पास ही में लगे हैं, जो आग की दृष्टि से बेदह खतरनाक है। स्थिति ऐसी है कि कभी भी कोचिंग नगरी में धमाके हो सकते हैं। इसके बावजूद भी निगम के अधिकारी नींद में हैं।

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गुजरात के सूरत में एक कॉमर्शिलय काम्प्लैक्स ( Fire in Surat commercial complex ) में संचालित कोचिंग में भीषण अग्निकाण्ड ( Fire Incident ) के बाद पत्रिका टीम ने शहर के मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, हॉस्टल, मैस और कॉमर्शिलय काम्प्लेक्सों का जायजा लिया तो तस्वीर डराने वाली सामने आई। शहर में डेढ़ सौ से अधिक हॉस्टल में फायर सेफ्टी के उपकरण नहीं हैं। कई जगहों पर केवल दिखावटी तौर पर उपकरण लगा रखे हैं। कई हॉस्टलों में मैस भी संचालित होता है। यहां दर्जनों गैस सिलेण्डर एक जगह रखे रहते हैं। यहीं बिजली के मीटर लगे रहते हैं, जो फायर की दृष्टि से सही नहीं है। कभी भी यह आग के गोले साबित हो सकते हैं। कई छात्रों की जिंदगी संकट में डाल सकते हैं। हॉस्टल में हॉज पाइप टूटे पड़े हैं तो फायर फायटर अवधिपार हो गए हैं।

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ये हो चुके हादसे
-लैण्डमार्क सिटी में 23 मई को गल्र्स हॉस्टल की रसोई में आग लगी। समय रहते आग पर काबू पा लिया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। हॉस्टल में अग्निशमन के पर्याप्त उपकरण तक नहीं थे।
-इन्द्र विहार में 29 अप्रेल को एक हॉस्टल के बैसमेंट में संचालित दुकान में भीषण आग लग गई थी। आग की हड़बड़ी सें छात्रों में भगदड़ मच गई। निगम की आधा दर्जन दमकलों ने आग पर काबू पाया था।
-दादाबाड़ी के एक रेस्टोरेंट में पिछले दिनों भीषण आग लगी थी। इसमें ऊपर हॉस्टल संचालित था। आग रात को लगने से कई छात्र घबरा गए थे और धुएं के कारण दम घुटने से बीमार हो गए थे।

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यह था आदेश
शहर में 15 मीटर से ऊंची बहुमंजिला इमारतों, रिहायशी, व्यावसायिक, गोदाम, वेयर हाउस, हॉस्पिटल, कोचिंग संस्थान व थोक मार्केट (जहां जान व माल के नुकसान होने की आशंका हो) उनका सर्वे किया जाना था। इनमें फायर सुरक्षा के तहत अण्डर ग्राउण्ड पानी के टैंक भवन की क्षमता के अनुसार, हाइड्रेन्ट सिस्टम, राइजर, बैसमेंट में स्प्रिकंलर, होजरील, पम्प व छोटे अग्निशमन उपकरण के साथ फायर अलार्म की जांच की जानी थी। इसके साथ ही इमारत के चारों तरफ 3.6 मीटर का खाली स्थान होना जरूरी है, इसकी भी जांच की जानी थी। वहीं 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली रिहायशी व व्यावसायिक इमारतों में फायर सुरक्षा के तहत छोटे 4 किलो वाले अग्निशमन उपकरण पाउडर वाले, पानी, रेत की बाल्टियां, होजरील व अलार्म सिस्टम है या नहीं इसका भी सर्वे किया जाना था, लेकिन रिपोर्ट को दबा लिया है। सर्वे के नाम पर भी खानापूर्ति की गई है।

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मल्टीस्टोरी, हॉस्टल व मैसों की फायर सेफ्टी के हिसाब से जल्द ही जांच की जाएगी। पूर्व में अधिकारियों के बदले जाने के कराण फायर सेफ्टी ऑडिट नहीं हो पाई।
देवेन्द्र गौतम, कार्यवाहक सहायक अग्निमशन अधिकारी

Published on:
25 May 2019 11:32 am