कोटा से रतलाम के बीच डेली अप-डाउन करने वाले यात्रियों को रेलवे ने दिवाली पर मेमू ट्रेन का संचालन शुरू करने का तोहफा दिया है।
कोटा से रतलाम और वडोदरा के बीच रोजाना 3 से 4 हजार लोग डेली अपडाउन करते हैं। अभी तक पेसिंजर ट्रेनों में धक्के खाने को मजबूर इन डेली पेसिंजर को रेलवे बोर्ड ने दिवाली पर बड़ा तोहफा दिया है। कोटा रेल मंडल में पहली मेमू ट्रेन के संचालन को रेलवे बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। रेल परिचलन के लिए ड्राइवर व अन्य स्टॉफ का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही इस ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि मेमू ट्रेन होने के बावजूद शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी यात्रियों को मिल सकेंगी।
कोटा से वडोदरा के बीच जल्द ही मेमू ट्रेन दौड़ेगी। कोटा-वडोदरा पार्सल पैसेंजर को मेमू ट्रेन में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए कोटा मंडल और रतलाम मंडल के चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोटा के आठ ट्रेन चालक वडोदरा में प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद नवम्बर माह में इस टे्रन सेवा के शुरू होने की संभावना है।
मेमू ट्रेन में होंगे 12 कोच
तीन मल्टीपल यूनिट में कुल 12 कोच होंगे। सूत्रों के अनुसार से इस टे्रन का सफर लम्बा होने के करण इसमें शौचालय वाले कोच लगाए जाएंगे। पहले इस मेमू का संचालन गत सितम्बर माह में ही शुरू किया जाना था, लेकिन प्रशिक्षक चालकों के अभाव में ट्रेन का परिचालन स्थगित किया गया। अब चालकों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। कोटा के ट्रेन चालक रतलाम तक मेमू का परिचालन करेंगे।
कई ट्रेनें देरी से पंहुची
मंडल रेलवे से गुजरने वाली टे्रनों में शनिवार को यात्रीभार बढऩे के कारण सामान्य श्रेणी के कोचों में खड़े रहने के लिए भी जगह मुश्किल से मिल पाई। कई लम्बी दूरी की ट्रेनें विलम्ब होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पटना-कोटा एक्सप्रेस 15 घंटे 31 मिनट देरी से चलने के कारण शनिवार शाम तक भी नहीं पहुंची। इसका कोटा पहुंचने का समय दोपहर 12.55 बजे है। इसी तरह मथुरा-रतलाम पैसेंजर 2 घंटे, बान्द्रा से आने वाली अवध एक्सप्रेस 1 घंटे, आसनसोल से भावनगर जाने वाली अजीमाबाद एक्सप्रेस 4 घंटे, जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस 1 घंटे देर से पहुंची।