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राजस्थान के युवक का कमाल: जम्मू IIT टीम के साथ मिलकर तैयार किया ‘वज्रनेत्र ड्रोन’, 100 फीट की ऊंचाई से करेगा 3KM की निगरानी

Unique Innovation: वज्रनेत्र ड्रोन भारतीय सेना की एक बड़ी आवश्यकता को पूरा करने के लिए बनाया गया है और इसका परीक्षण वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा किया जा रहा है।

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कोटा

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Akshita Deora

May 02, 2026

Drone

तरंग श्रीवास (फोटो: पत्रिका)

Drone Made By IIT Students: राजस्थान के रावतभाटा निवासी तरंग श्रीवास जो कि आईआईटी जम्मू में एमटेक छात्र हैं। श्रीवास ने आईआईटी जम्मू टीम के साथ मिलकर एक विशेष ड्रोन तैयार किया है जिसका नाम 'वज्रनेत्र' रखा है। ये ड्रोन भारतीय सेना की एक बड़ी आवश्यकता को पूरा करने के लिए बनाया गया है और इसका परीक्षण वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा किया जा रहा है।

100 फीट की ऊंचाई से 3KM की करेगा सटीक निगरानी

ये ड्रोन दुश्मन के राडार और जेमर्स को चकमा देने की क्षमता रखता है, जो इसे एक अत्यधिक विशेष और सुरक्षित तकनीकी उपकरण बनाता है। 'वज्रनेत्र' 100 फीट की ऊंचाई से 3 किलोमीटर के दायरे में सटीक निगरानी करने में सक्षम है जो युद्ध के समय बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

जहां विदेशी तकनीक से बने ड्रोन लाखों में बिकते हैं, वहीं 'वज्रनेत्र' को मात्र 10% लागत में तैयार किया गया है। यह भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पिता वरिष्ठ टेक्निशियन के पद पर कार्यरत

तरंग श्रीवास ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रावतभाटा के परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय 2 और 4 से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री सर पदंपथ सिंघानिया कॉलेज, उदयपुर से की। वर्तमान में वे आईआईटी जम्मू में एमटेक कर रहे हैं।

तरंग श्रीवास के पिता राजस्थान परमाणु बिजलीघर में वरिष्ठ टेक्निशियन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां संगीता ठाकुर गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई दांतों के डॉक्टर हैं।

मेक इन इंडिया पहल की दिशा में एक कदम

तरंग श्रीवास और उनकी टीम का यह कार्य 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। भारतीय सेना इस ड्रोन का परीक्षण कर रही है और उम्मीद है कि यह जल्द ही सेना के बेड़े में शामिल होगा।