हींगी में रात से सुबह तक फंसे रहे लोग, सुबह एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला
उजाड़ नदी की बाढ़ के विकराल रूप धारण करने के बाद सांगोद कस्बे (Kota ) में पानी भर गया। इससे कई कॉलोनियां और बस्तियां जलमग्न हो गई। वहीं दो गांव टापू बन गए। हींगी आवासीय स्कूल में भी पानी भर गया और उसका स्तर बढ़ता चला गया। इससे यहां मौजूद शिक्षक और कुछ छोटे बच्चों सहित करीब 32 जने स्कूल की छत पर कैद होकर रह गए।
सूचना पर जिला कलक्टर उज्ज्वल राठौड़ और पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी सहित अन्य अधिकारी वहां पहुंचे। एसडीआरफ का दल भी उनके साथ था, लेकिन काफी प्रयास के बाद एसडीआरएफ की टीम आवासीय स्कूल तक नहीं पहुंच पाई। उसके बाद सेना बुलाई गई। सेना रात में सांगोद पहुंची, लेकिन आवासीय विद्यालय में फंसे लोगों का रेस्क्यू नहीं हो पाया। सेना ने रात करीब 12 बजे से ही सांगोद में अलग-अलग जगह पानी में फंसे लोगों को रेस्क्यू करना शुरू किया। सांगोद में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिसकर्मियों ने मिलकर करीब 141 लोगों को रेस्क्यू किया। सुबह 8.30 बजे खानपुर के रास्ते से आई एसडीआरएफ की टीम ने हींगी के आवासीय विद्यालय में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया और सुबह 11 बजे तक सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस दौरान संभागीय आयुक्त के.सी. मीना और आईजी रविदत्त गौड़ भी यहां रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे।
--
सेना ने 9 बच्चों सहित 34 को बचाया- Army rescue in flood
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सेना ने 34 लोगों को बचाया। गांडीव इनफ्रेंट्री डिवीजन के तीन कॉलम ने रात में कोटा से सांगोद के लिए कूच किया। सांगोद पहुंचकर रात से ही जिला कलक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर पानी में फंसे लोगों को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया। सेना ने करीब 34 लोगों को बचाया। इनमें 10 पुरुष, 15 महिलाएं और 9 बच्चे शामिल हैं।
141 लोगों को सांगोद क्षेत्र से रेस्क्यू किया
-
32 जने हींगी आवासीय विद्यालय में फंसे हुए थे
--
ये संसाधन जुटे
100 सेना के जवान
40 एनडीआरफ के जवान
50 एसडीआरएफ
20 स्थानीय पुलिसकर्मी
पूरी तैयारी के साथ पहुंची सेना-
सांगोद क्षेत्र के बाढ़ से घिरने के बाद सेना पूरी तैयारी के साथ पहुंची। करीब 13 ट्रकों में 100 जवान गए। उनके पास नाव और अन्य सामग्री थी। पीने का पानी तक वे साथ लेकर गए।
ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन-
रात 11.30 बजे सांगोद सेना पहुंची, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी वहां पहले से ही थी।
रात 12 बजे से कस्बे में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया
सुबह 8.30 बजे हींगी आवासीय विद्यालय में फंसे लोगों का रेस्क्यू शुरू किया
सुबह 11 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ