
कोटा. मोरिया रे बप्पा! बप्पा मोरिया रे! की धुन कोटा शहर में गणेश चतुर्थी से ही गुंजयमान है। मुबंई के बाद एजुकेशन सिटी कोटा में भगवान गणेश का पर्व गणेश उत्सव धूमधाम ओर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जहाँ इतनी बड़ी तादाद में गणपति गजानन की कई तरह की मूर्तियां स्थापित की जाती है और पण्डाल सजाए जाते है। यहां लाल बाग के राजा की तरह रामपुरा के राजा का वैभव झलकता है तो काजू ओर किशमिश के गणेश भी सबको लुभाते है।
रामपुरा का राजा और नगर सेठ गजानन जिसकी झांकी हर साल गणेश उत्सव पर रामपुरा में धूमधाम से सजती है। जिसकी शोभा देखते ही बनती है। इसको रामपुरा के व्यापारियों द्वारा स्थापित किया जाता है। यहाँ 10 दिन तक बप्पा की आराधना की जाती है ओर मनोकामना की जाती है व्यापार इसी तरह बढ़ता रहे और कोटा शहर इसी तरह तरक्की करता रहे।
सालो से रामपुरा में गणेश उत्सव की धूम देखने को मिलती है लोगो की आस्था भी ऐसी की अपने प्रिय भगवान की सेवा में तन मन धन से लग जाते है इसकी बानगी हर साल देखने को मिलती है बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ जब गणेशोत्सव की धूम के बीच रामपुरा के राजा को एक भक्त ने दो किलो चांदी का हार चढ़ाने की घोषणा की।
शिव शक्ति मंडल के कोषाध्यक्ष दीपक जैन मेवाड़ा ने बताया कि इस भक्त ने गुप्त दान के रूप में दो किलो चांदी दी है। जिसका बाजार मूल्य लगभग अस्सी हजार रुपए है। उन्होंने बताया कि इस चांदी से कटक में दस फ़ीट लंबा हार बनवाया जाएगा। जिसमें आकर्षक मीनाकारी भी होगी। दो महीने में यह हार तैयार होगा और अगले साल गणपति स्थापना में इसे गणेश जी को धारण करवाया जाएगा। बता दें कि रामपुरा के राजा ने अपने सिर पर पहले से ही पांच किलो चांदी का मुकुट पहना हुआ है।
शुद्ध देसी घी में निर्मित 'हलवे' का प्रसाद..
सर्राफा वेलफेयर सोसायटी, कोटा द्वारा कल गणपति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान श्रीपुरा क्षेत्र में भक्तों को 'सूज़ी का हलवा' प्रसादी के रुप में वितरित किया जा रहा है..इस अवसर पर लगभग 1500 किलो हलवा तैयार किया गया है ,जो 40 हज़ार से ज़्यादा लोगों को बांटा जाएगा। इसको तैयार करने में लगभग दो सौ किलो शुद्ध देसी घी, ढ़ाई सौ किलो सूजी और तीन सौ किलो शक्कर का उपयोग किया जाएगा।
यह जानकारी सोसायटी के संजय गोयल और गौरव सोनी ने दी।