कोटा

तड़प-तड़प कर हुई पहली कक्षा की बालिका की मौत, शौचालय की गिरी दीवार, हॉस्पिटल ले जाने की जगह टीचर्स करते रहे पेरेंट्स का इंतजार

1 Student Died In Govt School Toilet Wall Collapsed: करीब 3 बजे बालिका शौचालय गई थी और दीवार ढहने से वो मलबे में दब गई। बच्ची को सीधे अस्पताल ले जाने की जगह शिक्षकों ने पहले पेरेंट्स को फोन किया और जब पेरेंट्स गाड़ी लेकर उसे विद्यालय से अस्पताल लेकर गए।
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Updated: 1 Feb 2025, 8:24 AM IST
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Kota News: कोटा के सुल्तानपुर क्षेत्र में शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। जहां दरबीजी गांव के सरकारी विद्यालय में जर्जर शौचालय की दीवार ढहने से एक 6 वर्षीय मासूम बालिका की उसके नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद गांव में शोक छा गया।

जानकारी के अनुसार रोहिणी वैष्णव पुत्री सोनू वैष्णव राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक के अध्ययनरत थी। इसकी बड़ी बहन राधिका (8 )और भाई सागर (2) भी इसी विद्यालय में पढ़ते है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे बालिका शौचालय गई थी और दीवार ढहने से वो मलबे में दब गई। शिक्षकों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद परिजन उसे अचेतावस्था में सुल्तानपुर लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने गंभीरावस्था देखते हुए कोटा रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

मृतक छात्रा के पिता सोनू वैष्णव ने बताया कि स्कूल वालों ने घटना के कुछ देर पहले ही बेटी रोहिणी को उनके मोबाइल नम्बर लाने के लिए घर भेजा था। इसके थोड़ी देर बाद जब हादसा हुआ तो बच्ची को सीधे अस्पताल ले जाने की जगह शिक्षकों ने पहले मेरे फोन किया और जब में आया तो फिर गाड़ी लेकर उसे विद्यालय से अस्पताल लेकर गया।

ऐसे में काफी देर तक वो दर्द से ही तडपती रही। विद्यालय में 82 बच्चों पर 7 शिक्षक कार्यरत है, जिसमे प्रधानाध्यापक अशोक पोरवाल संस्था प्रधान है। शौचालय क्षतिग्रस्त होने की बात को लेकर सभी चुप्पी साधे हुए है।

नए शौचालय बने हुए, लेकिन उपयोग नहीं

गांववासी उपसरपंच जितेन्द्र मीणा ने बताया कि विद्यालय में 2 नए शौचालय बनाए हुए है। लेकिन उनका काफी समय होने के बाद भी उपयोग नहीं करने दिया गया। इस क्षतिग्रस्त शौचालय का ही उपयोग करवाया गया, जबकि यह गिरने की स्थिति में है, इसकी भी कही भी सूचना तक नहीं दी गई और शुक्रवार को यह हादसा हो गया ।

स्कूल प्रिंसिपल अशोक पोरवाल ने बताया कि लास्ट वर्किंग डे था। लंच के बाद खाना खिलाकर 5वीं तक के बच्चों की छुट्टी कर दी थी। छुट्टी होने के बाद भी कुछ बच्चे स्कूल परिसर में खेलने लग गए। खेलते-खेलते बच्ची टॉयलेट गई होगी। टॉयलेट पुराना था। क्या पता हादसा कैसे हुआ, दीवार बच्ची पर गिर गई। बच्ची को उठाकर लाए और पिता को सूचना दी। पिता ने स्कूल में आकर बच्ची की हालत देखी। फिर गाड़ी लेने घर चले गए। वापस आकर बच्ची को हॉस्पिटल ले गए। जिस टॉयलेट में हादसा हुआ वो दूर था, उसमें बच्चे नहीं जाते थे।

हादसा दुखद है, मामले को लेकर स्कूल से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है, जैसी भी रिपोर्ट आएगी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

गायत्री मीणा, सीबीईओ, सुल्तानपुर

Updated on:
1 Feb 2025, 8:24 AM IST
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